अंबाला। महिला शिक्षकों के साथ छेड़छाड़, अश्लील मैसेज भेजने, होली पर जबरदस्ती रंग लगाने व जबरदस्ती दूसरे शिक्षण संस्थानों में ले जाने के आरोपों में घिरे संस्थान के प्रिंसिपल की दिक्कतें बढ़ गई हैं। मंगलवार रात को प्रिंसिपल पर केस दर्ज करने के बाद बुधवार को शिकायतकर्ता महिला शिक्षक के साथ महिला पुलिस टीम ने संस्थान में पहुंचकर मौके का मुआयना किया।

इस दौरान स्टाफ से भी पूछताछ टीम ने की। करीब आधे घंटे तक टीम संस्थान में ही रही। लेकिन प्रिंसिपल अवकाश पर रहे। हालांकि, टीम की कार्रवाई के बाद प्रिंसिपल संस्थान पहुंचे और शाम को करीब छह बजे तक संस्थान खुली रही।

पूछताछ के बाद शिकायतकर्ता महिला शिक्षक को पुलिस टीम 164 के बयान दर्ज करवाने अपने साथ कोर्ट ले गई। समाचार लिखे जाने तक आरोपित प्रिंसिपल की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। बताया जा रहा है कि प्रिंसिपल आधिकारिक तौर पर अवकाश पर चले गए हैं। हालांकि संस्थान में कार्यवाहक प्रिंसिपल ने किसी भी तरह की बात करने से इनकार कर दिया।

महिला शिक्षक ने टीम के सामने बताया कि उसके साथ 10 महीने प्रिंसिपल ने अश्लील हरकतें, द्विअर्थी बातें कर उसका सांस लेने तक दुश्वार कर रखा था। बताया जा रहा है कि कोर्ट परिसर में शिकायतकर्ता महिला शिक्षक फूट-फूटकर रो भी पड़ीं। दूसरी महिला शिक्षक भी अभी खा रही धक्के दूसरी तरफ न्याय की आस लिए इसी संस्थान की अभी दूसरी महिला शिक्षक भी धक्के खा रही है।

अभी केवल एक ही शिक्षिका की शिकायत पर केस दर्ज किया है। दूसरी महिला ने छेड़छाड़ के साथ जातिसूचक शब्दों कहे जाने के आरोप प्रिंसिपल पर लगाए हैं। महिला शिक्षक ने कहा कि जब उसने विरोध किया तो प्रिंसिपल ने उसके चरित्र पर उंगली उठाते हुए दूसरों के साथ गलत संबंध जोड़ने शुरू कर दिए और नौकरी खराब करने की धमकी देने लगा।
पुलिस ने 75(2), 78(2), 79 बीएनएस के तहत केस दर्ज किया है। महिला शिक्षक ने दर्ज शिकायत में यह भी आरोप लगाए हैं कि प्रिंसिपल इन सबका आदी हो चुका है। 1997-98 में छात्रा के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया था, जोकि उसकी सर्विस रिपोर्ट में दर्ज है।

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