चंडीगढ़। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) के अध्यक्ष नंद लाल शर्मा ने आयोग के 27वें स्थापना दिवस पर कहा कि ऊर्जा क्षेत्र को अधिक सक्षम और पारदर्शी बनाने के लिए आयोग के अधिकारी प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने विद्युत क्षेत्र में सुधारों और उपभोक्ता हितैषी नीतियों के जरिये पूरे देश में विशेष पहचान बनाई है।
हरियाणा देश के उन अग्रणी राज्यों में से एक है, जिन्होंने बिजली सुधार अधिनियम लागू किया है। नंद लाल शर्मा ने कहा कि ओडि़शा के बाद हरियाणा दूसरा राज्य था, जिसने बिजली बोर्डों का पुनर्गठन कर वितरण, प्रसारण और उत्पादन क्षेत्रों को अलग-अलग किया तथा उनके नियमन हेतु आयोग का गठन किया।
बाद में जून 2003 में विद्युत अधिनियम 2003 लागू होने के बाद अब प्रत्येक राज्य में नियामक आयोग गठित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) कार्यरत हैं।
आज हरियाणा में 81 लाख 92 हजार 187 उपभोक्ता हैं। इनके लिए यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन में कुल 21 आपरेशन सर्कल, 63 आपरेशन डिविजन और 282 आपरेशन सब-डिवीजन कार्यरत हैं।
नंद लाल के अनुसार बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों के निवारण के लिए आयोग ने 21 उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच सर्कल स्तर पर बनाए हैं, जबकि चार जोनल स्तर पर और दो कारपोरेट स्तर पर गठित किए हैं। यदि कोई उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच के निर्णय से असंतुष्ट हो तो वह विद्युत लोकपाल के पास अपील कर सकता है।
