इंटर स्टेट यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम-2025‘ का दूसरे दिन गोवा, गुजरात व राजस्थान के युवा प्रतिभागियों ने अपने राज्य का सामूहिक लोक नृत्य किया प्रस्तुत
कुरुक्षेत्र, 24 जुलाई। युवा मामले, कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण निदेशालय हरियाणा के अतिरिक्त निदेशक राज कुमार ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने क्षेत्र में एक अलग पहचान के साथ एक अलग तरह का सेवा प्रदाता बनना चाहिए, ताकि वह अन्य किसी प्रतिस्पर्धी से आगे बढ़कर सफल बन सके। प्रत्येक व्यक्ति को अपने कम्फर्ट जॉनया सुविधा क्षेत्र से बाहर निकलते हुए अनवरत प्रयासरत रहना चाहिए। जीवन में अपने सपने को साकार करने के लिए हमेशा प्रयासरत रहिए तभी हम जीवन में सफल व्यक्ति बन सकते हैं।
युवा मामले, कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण निदेशालय हरियाणा के अतिरिक्त निदेशक राज कुमार वीरवार को युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता विभाग, हरियाणा द्वारा 23 जुलाई से 25 जुलाई तक कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र के प्रांगण में तक चलने वाले ‘इंटर स्टेट यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम-2025‘ का दूसरे दिन शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में भारत के 24 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश से लगभग 600 युवा प्रतिभागी अपने प्रतिनिधि मण्डल सहित भाग लेने पहुंचे हैं। कार्यक्रम में गोवा, गुजरात व राजस्थान से आए युवा प्रतिभागियों ने अपने-अपने राज्य का सामूहिक लोक नृत्य प्रस्तुत किया।
विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय पलवल से विशेषज्ञ के तौर पर आए डॉ. नकुल कुमार ने कौशल विकास के विषय पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने पारंपरिक शिक्षा और कौशल युक्त शिक्षा में अंतर को स्पष्ट किया। डा. नकुल कुमार ने कहा कि युवाओं को कौशल शिक्षा प्राप्त करना चाहिए। उद्योगों की मांग के अनुसार ही कौशल प्रशिक्षण प्राप्त लिया जाना बेहतर होगा। इसे भी समय-समय पर मार्केट में आई नई तकनीकी अनुसार अपडेट करते रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने युवाओं में नेतृत्व, मार्किट के अनुसार स्वयं को ढालना, मार्केट की नब्ज पहचानना, निर्णय क्षमता, क्रिटिकल थिंकिंग, समस्या को हल करने की क्षमता, कार्यस्थल पर नैतिकता जैसे गुण विकसित करने पर जोर दिया।
युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने युवा प्रतिभागियों के साथ काम की बात विषय पर एक व्यक्तव्य में कहा कि यह प्रोग्राम केवल मनोरंजन के लिए नहीं है अपितु यह जीवन में काम आने वाला भी है। सबसे पहले युवाओं को अपने जीवन में एक सपना जरूर रखना चाहिए और इस सपने को पूरा करने के लिए जुनून के साथ सतत प्रयास करते रहना चाहिए, क्योंकि जीवन में सपना रखना ही सफलता की पहली सीढ़ी है। युवाओं को अपने जीवन में क्या करना है इस बारे उनका लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए।
उन्होंने एप्पल कंपनी के सह संस्थापक व पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी, स्टीव जॉब का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि उनका प्रारंभिक जीवन बड़ा ही संघर्षशील रहा और बाद में वे दुनिया के सबसे बड़े कामयाब व्यक्ति बने। उन्होंने कहा कि जीवन में हमेशा ईमानदार मित्रों का सर्कल होना चाहिए और उनसे अपनी गलतियों को जानते हुए उनसे सीख लेनी चाहिए। युवाओं को हमेशा स्वयं पर विश्वास रखना चाहिए और हमेशा आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मार्केट में नौकरियों की संख्या सीमित है, परन्तु हमेशा युवाओं के पास कुछ न कुछ कौशल या प्रतिभा होनी चाहिए और इसके मार्केटिंग की कला से वह स्वयं को आत्मनिर्भर बना सकता है व दूसरों को भी रोजगार देने वाला बन सकता है। जीवन में नौकरी की अपनी सीमित सीमाएं होती हैं। कोई भी व्यक्ति जीवन में नौकरी के सहारे सफलता का बड़ा मुकाम हासिल नहीं कर सकता। परन्तु यदि युवा अपने जीवन में खुद का कोई व्यवसाय करता है तो उसमें सफलता की कोई सीमा नहीं होती।
उन्होंने कहा कि इस दुनिया में जो भी सबसे सफल लोग रहे हैं वो स्कूल ड्रॉपआउट या कॉलेज ड्रॉपआउट रहे हैं। जीवन में जो भी व्यक्ति अपने जुनून के साथ कार्य करेगा उसकी सफलता निश्चित है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अपनी प्रतिभा अनुसार अपने बेहतरीन स्किल को पहचानना चाहिए और उसी पर प्रयासरत रहना चाहिए। साथ ही प्रत्येक को अपनी ताकत और कमजोरियों को पहचानना चाहिए और उसी अनुसार प्रतिस्पर्धा को देखते हुए अपने कार्यक्षेत्र का चुनाव करते हुए उसमें बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए।
इस अवसर पर विभिन्न राज्यों के युवा प्रतिभागी, प्रतिनिधि मण्डल के सदस्य, विभाग के अधिकारी व कर्मचारी गण, विभिन्न आईटीआईज् के प्रधानाचार्य व अन्य युवा दर्शकगण सभागार में मौजूद रहे।
