स्टार्टअप के लिए सरकार द्वारा सब्सिडी का किया हुआ है प्रावधान,बागवानी विभाग के महानिदेशक डा. रणबीर सिंह उप उष्णकटिबंधीय फल केंद्र लाडवा में आयोजित 7वें फल उत्सव में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे
लाडवा, 5 जुलाई। बागवानी विभाग के महानिदेशक डॉ. रणबीर सिंह ने कहा कि बेरोजगार युवक बिना भूमि के भी खुम्भी उत्पादन और मधुमक्खी पालन करके खुद का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। ऐसा करके वह दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं। स्टार्टअप के लिए सरकार द्वारा सब्सिडी का प्रावधान किया हुआ है।
बागवानी विभाग के महानिदेशक डा. रणबीर सिंह शनिवार को उप उष्णकटिबंधीय फल केंद्र लाडवा में आयोजित 7वें फल उत्सव में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इससे पहले उन्होंने किसानों द्वारा लगाए गए स्टॉलो पर जाकर उत्पादों की जानकारी ली। इसके अलावा प्रदर्शनी में लगाए गए हरियाणा, यूपी और पंजाब से आए आमों के बारे में जाना। केंद्र परिसर में महानिदेशक डॉक्टर रणवीर सिंह ने पौधा रोपण भी किया। इस दौरान केंद्र के उपनिदेशक डॉ. राकेश कुमार भी साथ रहे।
महानिदेशक डा. रणवीर सिंह ने कहा कि यह तीन दिवसीय आयोजन किसानों के लिए फसलों की विभिन्न किस्म और उनको पैदा करने की तकनीक जानने का एक सुनहरा अवसर है। बागवानी की खेती करने के दौरान किसानों को जो भी दिक्कत, परेशानी व समस्या आ रही हैं, वह केंद्र द्वारा लगाए गए स्टालों पर जाकर अपने सवालों का जवाब प्राप्त करें। नई तकनीक की जानकारी के बाद किसान अपनी आमदन को बढ़ा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि बागवानी में बागो के अलावा मसाले, फल, सब्जी, मधुमक्खी पालन जैसे अन्य कामों को भी शामिल किया गया है। किसानों को इन विकल्पों को अपनाना चाहिए। सरकार द्वारा किसान के सहयोग के लिए अनुदान की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि खेती करने के साथ-साथ मशीनरी की खरीदारी के लिए भी किसानों को अनुदान दिया जाता है। किसान किसी भी समय कृषि विभाग, बागवानी विभाग व अन्य कार्यालय में जाकर जानकारी हासिल कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि लगातार जमीन की ज्योत कम होती जा रही है, ऐसे में किसानों को विकल्प अपनाने की जरूरत है। इसके लिए नेट हाउस लगाकर खेती की जा सकती है। पानी की बचत के लिए सरकार के द्वारा जारी कार्यक्रम को अपनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस मेले में कई प्रकार के टेक्नोलॉजी के बारे में स्टाल लगाए गए हैं, यहां पर लगे सभी स्टालों पर किसानों को जाकर जानकारी हासिल करनी चाहिए। यदि किसान स्टालों पर जाकर बातचीत करेंगे तो उन्हें यहां से कुछ ना कुछ सीखने को जरूर मिलेगा।
इस मौके पर फल केंद्र के उपनिदेशक डॉ. राकेश कुमार, जिला लुधियाना अधिकारी डॉक्टर सिवेंदु प्रताप सिंह सोलंकी, विशेषज्ञ डा. धर्मपाल सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
