कुरुक्षेत्र का योग कार्यक्रम योग धर्म को युग धर्म बनाने में होगा कारगर, स्वामी रामदेव ने योग दिवस की पूर्व संध्या पर ब्रह्मसरोवर पर पहुंचकर किया योग
सोनिका वधवा
योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि योग, प्राणायाम और ध्यान का अपना-अपना महत्व है। योग करने से हम अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते है। योग करने के कुछ ही क्षणों में शरीर के अंदर नई ऊर्जा उत्पन्न होती है, जो व्यक्ति को अपने-अपने क्षेत्र में स्फूर्ति के साथ कार्य करने में सहायता प्रदान करती है। योग व ध्यान करने से मनुष्य को शारीरिक व मानसिक सुख की प्राप्ति होती है। इन योगों को करने से शारीरिक स्वास्थ्य, संतुलन, लचीलापन और एकाग्रता को बढ़ावा मिलता है। भुजंगासन से रीढ़ की लचीलता और शक्ति को बढ़ावा देता है। वज्रासन पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करता है। इसलिए सभी को अपनी दिनचर्या में योग और ध्यान को जरूर शामिल करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नियमित योग करने से व्यक्ति का स्वभाव पूरी तरह से परिवर्तित हो जाता है, योग करने वाले व्यक्ति ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है और वह अपनी दिनचर्या में नई तरोताजगी का एहसास करता है। योग गुरु रामदेव ने ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में मौजूद लोगों के साथ कपालभाति, अनुलोम विलोम, भ्रामरी, उज्जायी, सूर्य नमस्कार, वृक्षासन, भुजंगासन, श्वसन, ताड़ासन, त्रिकोणासन, धनुरासन, वज्रासन और शीतली प्राणायाम का अभ्यास किया। ये श्वसन प्रणाली को संतुलित करने और मानसिक शांति को बढ़ावा देने में मदद करती है।
पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि भारत की प्राचीन पद्धति योग के महत्व को पूरी दुनिया जान गई है। भारत के साथ-साथ कई देश आज योग को अपना चुके है। इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कुरुक्षेत्र में भव्य राज्यस्तरीय योग कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। सभी के लिए यह गर्व की बात है कि आज हमारे योग और पारंपरिक चिकित्सा के बारे में जानने की दुनिया भर में जिज्ञासा बढ़ रही है। उन्होंने योग गुरु स्वामी रामदेव को जानकारी देते हुए कहा कि राज्यस्तरीय योग कार्यक्रम की सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
