चंडीगढ़। हरियाणा में संचालित खेल नर्सरियों में अब किसी तरह की गड़बड़ नहीं हो सकेगी। नर्सरियों में ट्रेनिंग लेने वाले खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके कोच की बायोमेट्रिक हाजिरी लगेगी। खेल विभाग ने इसके लिए विभिन्न कंपनियों ने बातचीत शुरू कर दी है। साथ ही कोच के मानदेय व खिलाड़ियों की डाइट मनी में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया गया है। हरियाणा के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम के इस प्रस्ताव को जल्दी ही मंजूरी मिलने की संभावना है।
अभी तक प्रदेश में 1500 खेल नर्सरियां स्थापित की जाती थी। इनमें से 500 नर्सरी सरकारी और 1000 प्राइवेट संस्थानों में थी। इस साल सरकार ने नर्सरियों की संख्या बढ़ाकर 2000 करने का निर्णय लिया है। नर्सरियों के लिए मांगे गए आवेदन की प्रक्रिया भी खत्म हो चुकी है। सरकारी सेक्टर के लिए अधिकांश नर्सरियों की अलॉटमेंट हो चुकी है। लेकिन प्राइवेट सेक्टर की नर्सरियों को लेकर अभी लेटलतीफी हो रही है। ऐसे में विभाग ने प्राइवेट लोगों को एक और मौका देने का निर्णय लिया है।

नर्सरियों में हर साल 37 हजार से अधिक खिलाड़ियों को अलग-अलग खेलों की ट्रेनिंग दी जाती है। खेल मंत्री गौरव गौतम के पास कई जगहों से खेल नर्सरियों में गड़बड़ होने की शिकायतें आ रही थीं। अधिकतर शिकायतें इस बात को लेकर थी कि नर्सरियों में खिलाड़ियों की जितनी संख्या दर्ज की गई है, उतने खिलाड़ी नहीं हैं। या फिर नर्सरियों में खिलाड़ी कम आते हैं। कई नर्सरियों में कोच के भी समय पर नहीं आने की शिकायतें मिल रही थीं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *