9 में को पाकिस्तान से युद्ध के चलते स्थगित हो गया था महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम
करनाल, 15 मई : असंध के विधायक योगेंद्र राणा ने कहा महाराणा प्रताप के लिए उनका राष्ट्र सर्वोपरि था, उन्हीं के पदचिन्हों पर चलते हुए हमारे लिए भी देश प्रथम है। नौ मई को करनाल जिले के सबसे बड़े गांव सालवन में महाराणा प्रताप जी की जयंती मनाई जानी थी, लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे युद्ध के मद्देनजर सरकार के द्वारा एडवाइजरी जारी की गई जिसके कारण जयंती का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया । अब हालात सामान्य है, इसलिए सालवन में ही महाराणा प्रताप जी की जयंती 29 मई को धूमधाम के साथ मनाई जाएगी। 29 मई को सरकार की तरफ से महाराणा प्रताप जी की जयंती के लिए गजेटेड हॉलीडे होता है। वीरवर को विधायक योगेंद्र राणा, राजपूत सभा के प्रधान डॉक्टर एनपी सिंह, वरिष्ठ उप प्रधान कुलदीप नंबरदार, महासचिव बृजपाल राणा एडवोकेट और सालवन के काफी संख्या में उपस्थित लोगों ने सेक्टर 8 स्थित महाराणा प्रताप भवन में पत्रकारों को यह जानकारी दी।
राजपूत सभा के प्रधान डॉक्टर एनपी सिंह, सालवन गांव के गणमान्य लोगों ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप जी की जयंती में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बतौर मुख्य अतिथि पहुंचेंगे। राजपूत समाज के साथ-साथ इस कार्यक्रम में 36 बिरादरी के लोग हिस्सा लेंगे और महाराणा प्रताप जी को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इस कार्यक्रम के लिए गांव गांव जाकर जयंती कार्यक्रम में पहुंचने का न्योता दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम को लेकर पूरे प्रदेश के लोगों में उत्साह का माहौल है। दावा किया कि भीड़ के मामले में पिछले सभी रिकॉर्ड टूटेंगे। उन्होंने कहा की 9 मई को भारतीय सेना ने पाकिस्तान के सैन्य बलों के दांत खट्टे किए और उनको हराने का काम किया। राजपूत सभा की तरफ से भी कहा गया था कि तन मन और धन से भारतीय सेना और सरकार के साथ है। समाज का देश के लिए समर्पण भविष्य में भी जारी रहेगा। इस अवसर पर जयवीर फौजी सरपंच, राजेंद्र सिंह ऊंचा समाना, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के युवा अध्यक्ष अनिल चौहान, विजेंद्र प्रधान, ओम कुमार सरपंच, भूप सिंह राणा, शीशपाल चौहान, बिशपाल राणा, रखपाल राणा, मेहर सिंह अमृतपुर, नरेश ठेकेदार, अनिरुद्ध राणा, सुभाष आर्य, रविंद्र बाहरी, मोहर सिंह राणा, बसंत राणा, राका प्रधान, अक्षय राणा, कपिल राहडा, दीपक मैनेजर, गौरव राणा अरडाना सहित काफी संख्या में राजपूत सभा के पदाधिकारी व समाज के लोग उपस्थित रहे।
