कला संस्कृति का प्रचार प्रसार करे युवा पीढ़ीः राजू दास
विद्यार्थीगण लोककलाओं को आधुनिक रूप में बदलना सीखेंः निदेशक महासिंह पूनिया
केयू जनसंचार संस्थान और संगीत नाटक अकादमी कल्चर मिनिस्ट्री भारत सरकार करेगा दो दिवसीय ‘कला समीक्षा’ कार्यशाला
कुरुक्षेत्र, 31 मार्च।
 विद्यार्थी अपनी कला संस्कृति से जुड़कर ही आगे बढ़े ताकि जीवन में अपनी कला संस्कृति, नाटक विधाओं को विश्वस्तर पर पहुंचा सके, क्योंकि युवा ही कला को अपने प्रचार-प्रसार माध्यम से आगे बढ़ा सकते हैं, ये कहना है संगीत नाटक अकादमी, कल्चर मिनिस्ट्री के सचिव भारत सरकार से जुड़े राजू दास का जो जनंसचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से रू-ब-रू हो रहे थे। उन्होने कहा कि कला का प्रचार प्रसार युवाओं के हाथ में और जब वे मंच पर कला का प्रदर्शन नहीं करेगे तब तक कला विस्तार नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि संगीत नाटक अकादमी का मुख्य उद्देश्य देशभर के लोक कलाओं का संरक्षण करना एवं उनसे जुड़े कलाकारों का मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में संगीत नाटक अकादमी में जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के साथ दो दिवसीय ‘कला समीक्षा’ पर कार्यशाला का आयोजन करेंगे जिससे विद्यार्थियों में कला के प्रति अच्छी समझ के साथ भविष्य में ना केवल रिर्पोटिंग बल्कि कला समीक्षा में भी अपना करिअर बना सकेगे।
उन्होंने कहा कला समीक्षक के क्षेत्र पत्रकारिता के विद्यार्थियों के रोजगार की भरपूर संभावनाएं है। उन्होंने कहा गणतंत्र दिवस परेड पर संगीत नाटक अकादमी, कल्चर मिनिस्ट्री, भारत सरकार के द्वारा ही देशभर के 6000 हजार लोक कलाकारों द्वारा ‘जयती जय मम भारतम’ गीत पर लोक नृत्य प्रदर्शन एक साथ किया गया जिसका अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किया और जिसे भारत की माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू व भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रशंसा की गई। ‘जयती जय मम भारत’ गीत को प्रख्यात गायक शंकर महादेवन द्वारा गाया गया था।
इस अवसर पर जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रोफेसर महासिंह पूनिया ने कहा कि विद्यार्थीगण अपनी जड़ों को कला से विकसित करे और आधुनिक रूप में बदलना सीखें ताकि समय के साथ अपनी कला, संस्कार, सभ्यता को संरक्षित किया जा सके। उन्होंने कहा कि संगीत नाटक अकादमी, कल्चर मिनिस्ट्री भारत सरकार के सानिध्य में जल्द ही संस्थान दो दिवसीय ‘कला समीक्षा’ कार्यशाला का आयोजन करेगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से मीडिया के विद्यार्थी स्कूलो में संगीत नाटक अकादमी, कल्चर मीनिस्ट्री, भारत सरकार के सानिध्य में कला धरोहर’ के नाम से कार्यशाला करेंगे जिससे कला, संस्कृति का विस्तार होगा। इस ‘कला धरोहर’ में मीडिया के विद्यार्थी कला का प्रसार प्रचार करेंगे।
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राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथक नृत्य रूपा दास ने दी शानदार प्रस्तुति

राष्ट्रीय ख्याती प्राप्त कथक नृत्य रूपा दास ने ‘ऊर्मिला’ के जीवन को संयम, आत्मविश्वास को कथक नृत्य द्वारा विद्यार्थियों के समुख प्रस्तुत किया। उन्होने अपनी भाव-भंगिकाओं के माध्यम से रामायण के पात्र लक्ष्मण और ऊर्मिला के दृश्य को बड़ी खूबसूरती के साथ प्रदर्शित किया जिस पर संस्थान के सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने खड़े होकर तालियां के साथ रूपा दास को प्रोत्साहित किया। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि के रामायण लेखन में लक्ष्मण एवं उर्मिला के संवाद की बहुत मार्मिक ढंग से प्रस्तुति दी। इस नाटक को जहां मंच पर प्रस्तुति रूपा दास ने दी वहीं गीत और संवाद राजू दास ने दिया।
संस्थान के सहायक प्रोफेसर एवं एक्टिविटी इंचार्ज  डॉ. आबिद अली ने मंचन संचालन करते हुए कहा कि जनसंचार के समस्त कोर्सो के विद्यार्थिगण अपने पाठ्यक्रम के अनुसार अपनी कला संस्कृति को अपनी रचनात्मकता के साथ आगे बढ़ाये ताकि हर क्षेत्र में उसकी पहुंच बन सके। संगीत नाटक अकादमी, कल्चर मीनिस्ट्री के सचिव भारत अपने परिवार क संग धर्मस्थली का भ्रमण किया और अपना बहुमूल्य समय मीडिया संस्थान के विद्यार्थियों पत्रकारिता के अतिरिक्त कला, नाटक के प्रति भी प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर संस्थान के सहायक डॉ. अभिनव, डॉ. तपेशकिरण, डॉ. रोशन मस्ताना, गौरव कुमार, राकेश कुमार, सचिन कुमार, अमित कुमार, राहुल अरोड़ा, प्रीति, नितिन चावला, सुनिता, रितु, डॉ. प्रदीप, अर्पणा, मोनिका, डॉ. सतीश राणा के साथ विद्यार्थिगण उपस्थित रहे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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