करनाल, 12 जुलाई। उपायुक्त एवं शुगर मिल करनाल के अध्यक्ष उत्तम सिंह ने बताया कि करनाल सहकारी चीनी मिल्स लिमिटेड को तकनीकी दक्षता की श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है जोकि गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि  नजीबाबाद, जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश की द किसान सहकारी चीनी मिल्स लिमिटेड दूसरे स्थान पर रही। इसी प्रकार से उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधन श्रेणी में जिला विल्लुपुरम, तमिलनाड की कल्लाकुरिची, सहकारी चीनी मिल्स लिमिटेड को प्रथम तथा जिला अमरोहा, उत्तर प्रदेश की द किसान सहकारी चीनी मिल्स लिमिटेड को दूसरा पुरस्कार दिया गया। रिकार्ड गन्ना पेराई श्रेणी में जिला बागपत, उत्तर प्रदेश की रमाला सहकारी चीनी मिल्स लिमिटेड रमाला बड़ौत को पुरस्कार प्राप्त हुुआ। रिकॉर्ड गन्ना रिकवरी श्रेणी में नवलनगर, बुरहानपुर, मध्य प्रदेश की नवल सिंह सहकारी चीनी फैक्ट्री लिमिटेड को पुरस्कार दिया गया। उन्होंने बताया कि डी. एस. 8 सुब्रमण्यम शिवा सहकारी चीनी मिल्स लिमिटेड। गोपालपुरम, जिला, धर्मपुरी, तमिलनाडु को सबसे बेहतरीन शुगर फैक्ट्री (शेष प्रभाग) का पुरस्कार दिया गया।

चीनी मिल करनाल के प्रबंध निदेशक हितेश शर्मा ने बताया कि नेशनल कोआपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज फेडरेशन एनएफसीएसएफ द्वारा वर्ष 2022-23 के लिए कुल 21 पुरस्कारों की घोषणा की गई। केंद्रीय मुख्य निदेशक (चीनी) की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा पुरस्कारों की घोषणा आज एनएफसीएसएफ के अध्यक्ष हर्षवर्धन पाटिल ने की। इस अवसर पर एनएफसीएसएफ के प्रबंध निदेशक प्रकाश नाइकनवरे उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि कुल 21 पुरस्कारों में से, महाराष्ट्र ने कुल 10 पुरस्कारों के साथ पहला स्थान हासिल किया है और उत्तर प्रदेश ने चार पुरस्कारों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया है। गुजरात, तमिलनाडु को दो-दो पुरस्कार मिले जबकि पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश को एक-एक पुरस्कार मिला।

उन्होंने बताया कि इस पुरस्कार से उन सहकारी चीनी मिलों को सम्मानित किया जाता है, जिन्होंने गन्ना उत्पादकता, तकनीकी गुणवत्ता, वित्तीय प्रबंधन, अधिकतम गन्ना पेराई, सर्वोत्तम चीनी रिकवरी, उच्चतम चीनी निर्यात जैसे विभिन्न क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन किया हो। हर साल देश की सहकारी चीनी मिलों का मूल्यांकन करने के बाद इन पुरस्कारों की घोषणा की जाती है। देश की सभी 260 सहकारी चीनी मिलें और नौ राज्यों के चीनी संघों के सदस्य राष्ट्रीय सहकारी चीनी फैक्ट्री महासंघ से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने बताया कि पुरस्कारों के मूल्यांकन के लिए 11 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया था, जिसमें केंद्रीय मुख्य निदेशक (चीनी) के अलावा मुख्य निदेशक, राष्ट्रीय सहकारी विकास बोर्ड नई दिल्ली, उप निदेशक (चीनी) नई दिल्ली, निदेशक राष्ट्रीय चीनी संस्थान, कानपुर, महानिदेशक वसंतदादा चीनी संस्थान पुणे (महाराष्ट्र), उत्तर प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, पंजाब, गुजरात, तमिलनाडु राज्यों के चीनी संघों के प्रबंध निदेशक के साथ-साथ राष्ट्रीय सहकारी चीनी फैक्टरी महासंघ के प्रबंध निदेशक और अन्य विशेषज्ञ शामिल हैं। इस वर्ष का विशेष पुुरस्कार वितरण समारोह अगस्त में नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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