कुरुक्षेत्र, 23 मई। तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी दिशा में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज द्वारा बी.एससी. (रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन) एईडीपी कोर्स शुरू किया जा रहा है। इस कोर्स के लिए जल्द ही आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ होगी और इच्छुक विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।
आईआईएचएस की प्राचार्या प्रो. रीटा ने बताया कि यह तीन वर्षीय फुल-टाइम ऑन-कैंपस डिग्री प्रोग्राम होगा, जिसमें विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर साइंस, मैकेनिकल सिस्टम्स तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक एवं उद्योग आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। कोर्स का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को इंडस्ट्री रेडी बनाना तथा उन्हें नई तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
प्रो. रीटा ने बताया कि इस कोर्स में विद्यार्थियों को पायथन, रोस, आर्डुइनो, पीएलसी, मैटलैब, सॉलिडवर्क्स और लैबव्यू जैसे आधुनिक सॉफ्टवेयर एवं इंडस्ट्रियल टूल्स पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही अत्याधुनिक लैब, लाइव प्रोजेक्ट्स, इंडस्ट्रियल विजिट्स और इंटर्नशिप के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान किया जाएगा। वर्तमान समय में केवल सैद्धांतिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता और व्यवहारिक अनुभव भी आवश्यक है।
प्राचार्या प्रो. रीटा ने बताया कि बी.एससी. रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन कोर्स में प्रवेश के लिए 10+2 विज्ञान संकाय से फिजिक्स विषय के साथ उत्तीर्ण विद्यार्थी आवेदन कर सकेंगे। विश्वविद्यालय द्वारा इस कोर्स में कुल 50 सीटें निर्धारित की गई हैं। विद्यार्थियों का चयन विश्वविद्यालय की निर्धारित एडमिशन प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। कोर्स की सबसे बड़ी विशेषता तीसरे वर्ष में दी जाने वाली अप्रेंटिसशिप है। विश्वविद्यालय के अनुसार विद्यार्थियों को देश की प्रतिष्ठित कंपनियों और उद्योगों में अप्रेंटिसशिप का अवसर मिलेगा, जहां उन्हें न्यूनतम 12,300 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड भी प्रदान किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान ही इंडस्ट्री एक्सपोजर और रोजगार संबंधी अनुभव प्राप्त होगा।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि इस कोर्स को पूरा करने के बाद विद्यार्थियों के लिए रोबोटिक्स इंजीनियर, ऑटोमेशन इंजीनियर, कंट्रोल सिस्टम इंजीनियर, मेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर,पीएलसी प्रोग्रामर, सिस्टम इंटीग्रेशन इंजीनियर, रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंजीनियर तथा इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन इंजीनियर जैसे क्षेत्रों में रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे। वर्तमान समय में देश और विदेश की बड़ी कंपनियों में रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन विशेषज्ञों की मांग तेजी से बढ़ रही है। एडमिशन से जुड़ी विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जल्द उपलब्ध करवाई जाएगी।
