अंबाला। एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने आज हरियाणा की जेलों व जेल अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और आरोप लगाए और कहा कि जेलों में कैदियों व बंदियों का जीवन नर्क है और बंदियों व कैदियों के जीवन के साथ खिलवाड़ होता है ठंडी रोटी दी जाती है और सरकार से जो पैसा बंदियों व कैदियों के लिए आता है उस पैसे का अधिकतर हिस्सा जेल अधिकारियों की जेब में जाता है जिसकी हाईकोर्ट के सिटिंग जज जांच करें तो कई जेल अधिकारी सलाखों के पीछे होंगे। वीरेश शांडिल्य ने कहा अदालतें जेल में आरोपियों को इसलिए नहीं भेजती कि जेल अधिकारी उनको प्रताड़ित करें उनके मानवाधिकारों का संवैधानिक अधिकारों का और कानूनी अधिकारों का हनन करें आज तक हरियाणा में जितने भी कैदी व बंदी आत्महत्या से मरे किस जेल अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। जेल मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा व डीजी जेल श्वेत पत्र जारी करें। जेल में भोजन ऐसा बंदियों को दिया जाता है जो जानवर भी न खाए और बंदियों व कैदियों को सर्दी व गर्मी में प्रताड़ना झेलनी पड़ती है कोई भी जहरीला जानवर सलाखों के अंदर आकर काट सकता है लेकिन इस ओर जेल मंत्री व डीजीपी जेल का कोई ध्यान नहीं, शौचालयों की हालत नर्क जैसी है और अदालतें समाज से दूर करती हैं न कि बंदियों व कैदियों को प्रताड़ित करने के लिए कहती है। एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने जेल मंत्री अरविंद शर्मा से जेल मुलाकात का मतलब बताने को लेकर श्वेत पत्र जारी करने को कहा और जेल मंत्री से पूछा इंटरकोम से बातचीत को मुलाकात कैसे कहा जा सकता है यह कैदियों बंदियों के साथ नहीं बल्कि मुलाकात करने आ रहे परिजनों को भी टोरचर करने वाली बात है। वीरेश शांडिल्य ने कहा कि वैसे तो पूरे देश के जेलों में बंदी व कैदी नर्क का जीवन जी रहे हैं जिसको लेकर अब एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया जन आंदोलन छेड़ेगा क्योंकि बंदियों व कैदियों के साथ जो प्रताड़ना हो रहा यह भी एक आतंक है।
