चंडीगढ़। देश में महिलाओं के प्रति अपराध रोकना बड़ी चुनौती है, लेकिन हरियाणा की स्थिति देश के बाकी राज्यों से थोड़ा भिन्न है। यहां की महिलाएं सबसे अधिक प्रताड़ित अपने पतियों और रिश्तेदारों से होती हैं। उन्हें बार-बार घरेलू हिंसा का शिकार होना पड़ता है।

नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की सात मई को जारी हुई रिपोर्ट में हरियाणा की महिलाओं के सबसे अधिक घरेलू हिंसा का शिकार होने के तथ्य सामने आए हैं।

एनसीआरबी की यह रिपोर्ट साल 2024 के अपराध आंकड़ों पर आधारित है। इससे पहले साल 2023 की रिपोर्ट सितंबर 2025 में जारी की गई थी। हालांकि, हरियाणा पुलिस ने एक कदम आगे बढ़ते हुए साल 2025 में महिलाओं के प्रति अपराध काफी हद तक कम होने का दावा किया है। हरियाणा पुलिस का महिलाओं के प्रति अपराध कम होने का आंकड़ा एनसीआरबी की रिपोर्ट में शामिल आंकड़ों से काफी कम है।

महिला सुरक्षा के प्रयासों पर मुहर

एनसीआरबी की रिपोर्ट में हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, करनाल और पानीपत जिले हाई-क्राइम जोन के रूप में उभरकर सामने आए हैं। महिलाओं के प्रति अपराध में उत्तर प्रदेश पहले नंबर पर है, लेकिन हरियाणा पिछले साल के मुकाबले चौथे नंबर से खिसककर सातवें नंबर पर आ गया है, जो कि राज्य सरकार के महिला सुरक्षा के प्रयासों पर मुहर लगा रहा है।

राज्य में महिलाओं के प्रति अपराध के 13945 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 5191 केस घरेलू हिंसा, पारिवारिक क्रूरत और रिश्तेदारों के उत्पीड़न से जुड़े हैं। हरियाणा में दहेज के लिए हत्याओं में हालांकि कमी आई है, लेकिन यह बुराई अभी रुकी नहीं है। साल 2024 में दहेज हत्या के 207 मामले दर्ज हुए हैं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर दो दिन पहले ही मुख्य सचिव ने बैठक बुलाकर सभी एसडीएम को दहेज निषेध अधिकारी के रूप में नामित किया है, ताकि दहेज मांगने और दहेज देने से जुड़े केसों की त्वरित सुनवाई करते हुए इस बुराई पर अंकुश लगाया जा सके।

अपराध-हत्या के मामलों में कमी

एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा में कुल अपराध दर 22 प्रतिशत है, जो कि राष्ट्रीय औसत 18 प्रतिशत से अधिक है। इसके बावजूद राज्य में महिलाओं के खिलाफ संगीन अपराध व हत्या के मामलों में कमी आई है।

हर रोज चार से पांच दुष्कर्म के मामले राज्य में दर्ज कराए जा रहे हैं, जबकि नौ से 12 अपहरण के केस दर्ज हो रहे हैं। दो से तीन साइबर फ्राड के केस भी हर रोज सामने आ रहे हैं। प्रदेश में आनलाइन ठगी के केस बढ़ रहे हैं और फर्जी काल सेंटर व डिजिटल फ्राड के मामलों से लोग परेशान हैं।

एनसीआरबी की रिपोर्ट में माना गया है कि हरियाणा की नूंह (मेवात) की बेल्ट साइबर ठगी का बड़ा केंद्र बन रही है। सबसे अधिक आनलाइन फ्रॉड, फर्जी काल सेंटर और डिजिटल ब्लैकमेल करने के मामले इसी क्षेत्र से आए हैं, जिनसे पूरे राज्य के लोग प्रभावित हैं।

साथ ही इस बात पर चिंता जताई गई कि हरियाणा पुलिस ऐसे मामलों की त्वरित सुनवाई नहीं करती, जिससे साइबर अपराध करने वालों के हौसले बढ़े हुए हैं।

एनसीआरबी की सात मई 2026 को जारी रिपोर्ट के कुछ बिंदु

  • – कुल संज्ञेय अपराध (2024) – 1.35 लाख केस
  • – अपराध दर – 22 प्रतिशत
  • – हत्या के मामले – 1000 से अधिक
  • – महिलाओं के प्रति अपराध – 13945
  • – दुष्कर्म के मामले – 1700 से अधिक
  • – सामूहिक दुष्कर्म – 100 से अधिक
  • – दहेज हत्या – 207
  • – चार्जशीट दाखिल करने की दर – 44 प्रतिशत
  • – अपराध की दोष सिद्धि दर – अपेक्षाकृत कम

हरियाणा पुलिस का अपराध कम होने का दावा

राज्य के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने दावा किया है कि साल 2025 में अपराध काफी हद तक कम हुए हैं। पुलिस का कहना है कि यह रिपोर्ट साल 2024 के अपराधों की है, जबकि साल 2025 में अपराध कम होते जा रहे हैं और साल 2026 में अपराध कम होने का सिलसिला लगातार कम हो रहा है।

साल 2025 में कुल अपराधों में 5.7 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि लूट, स्नेचिंग और सेंधमारी के साथ महिलाओं के प्रति अपराधों में बहुत अधिक कमी दर्ज की गई है।

गैंगस्टरों के विरुद्ध सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें अपने बिलों में रहने के लिए मजबूर कर दिया अथवा गिरफ्तार कर लिया है। विदेश में बैठे गैंगस्टरों को लगातार हरियाणा पुलिस पकड़कर ला रही है और उनका नेटवर्क तोड़ रही है।

सुरजेवाला बोले, माफिया और गैंगस्टर राज बढ़ रहा

एनसीआरबी की रिपोर्ट में संगठित अपराध और दुष्कर्म के आंकड़े ”सुशासन” के दावों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। जो हरियाणा कभी अपने दूध-दही के खानपान और खेल के मैदानों में मेडल लाने वाली बेटियों के लिए जाना जाता था, आज उस प्रदेश को ”जंगलराज” की आग में झोंक दिया गया है।

दुष्कर्म में हरियाणा देश में पांचवें स्थान पर है। हरियाणा से अच्छी स्थिति तो बिहार की है। राज्य में संगठित अपराध चौथे नंबर पर हैं। हरियाणा में माफिया और गैंगस्टर्स का राज बढ़ रहा है। संगठित अपराध के 79 दर्ज मामलों के साथ हरियाणा देश में चौथे नंबर पर पहुंच गया है। – रणदीप सुरजेवाला, कांग्रेस महासचिव एवं सांसद

दीपेंद्र की नजर में गैंगस्टरों को पुलिस का संरक्षण प्राप्त

हरियाणा आज अपराध का केंद्र बन चुका है। इस समय प्रदेश में 50 से ज्यादा गैंग सक्रिय हैं। इन गैंगस्टरों को सत्ता और पुलिस का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण वे बेखौफ होकर व्यापारियों, नेताओं और आम जनता से रंगदारी मांग रहे हैं।

उत्तर प्रदेश छोड़कर बदमाश अब हरियाणा में खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं, जिस कारण निवेशक यहां से भाग रहे हैं। कानून-व्यवस्था संभालने में फेल तंत्र को जनता को जवाब देना चाहिए। – दीपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस सांसद, रोहतक

कानून व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार का रोडमैप

हरियाणा में कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार के लिए राज्य सरकार के पास व्यापक रोडमैप है, जिसका मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने साल 2026-27 के बजट में जिक्र भी किया है।

  • – लोहारू, बरवाला, नरवाना, समालखा, महम, रादौर व पिहोवा में सात नये महिला थाने खोले जाएंगे
  • – साइबर अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सोनीपत, गोहाना व बहादुरगढ़ में तीन नये साइबर अपराध पुलिस थाने खुलेंगे
  • – आतंकवादी गतिविधयों से निपटने के लिए एंटी टेरेरिस्ट स्कवायड (एटीएस) का गठन होगा। इसका एक थाना गुरुग्राम और दूसरा पंचकूला में खुलेगा
  • – जो पुलिसकर्मी अपराधिक तत्वों का बहादुरी से सामना करेंगे, उन्हें समय से पहले पदोन्नति मिलेगी
  • – नागरिकों को बेहतर आपातकालीन सेवाएं देने के लिए और प्रतिक्रिया समय को कम करने के लिए 150 नये इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल खरीदे जाएंगे।

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