तिरंगा अधिकार दिवस 23 जनवरी पर विशेष
सांसद नवीन जिन्दल ने लंबी कानूनी लड़ाई लड़कर जनमानस को दिलाया तिरंगा फहराने का अधिकार
23 जनवरी 2004 को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने जनमानस को दिया था तिरंगा फहराने का अधिकार
तिरंगे का सम्मान, नागरिकों का अधिकार और एक विचार से जन–आंदोलन तक
सोनिका वधवा
कुरुक्षेत्र। भारत का राष्ट्रीय ध्वज केवल तीन रंगों का संयोजन नहीं, बल्कि देश की आत्मा, उसकी अस्मिता और करोड़ों नागरिकों की भावनाओं का प्रतीक है। तिरंगे के प्रति सम्मान, उसका सही उपयोग और उसकी गरिमा बनाए रखना हर भारतीय का कर्तव्य है। इसी भाव को जन–जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सांसद नवीन जिन्दल की प्रेरणा और मार्गदर्शन में फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया वर्ष 2026 में एक व्यापक और राष्ट्रव्यापी राष्ट्रीय ध्वज जागरूकता अभियान चला रही है।
यह अभियान केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके केंद्र में एक गहरी सोच और लंबा संघर्ष जुड़ा हुआ है। बहुत कम लोग जानते हैं कि आज आम नागरिक को सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराने का जो अधिकार प्राप्त है, उसके पीछे सांसद नवीन जिन्दल की वर्षों लंबी कानूनी लड़ाई है। लगभग तीन दशक पहले दिल्ली हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट में ऐतिहासिक निर्णयों के माध्यम से उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि राष्ट्रीय ध्वज केवल सरकारी इमारतों तक सीमित न रहे, बल्कि हर नागरिक अपने घर, संस्थान और सार्वजनिक स्थलों पर गर्व के साथ तिरंगा फहरा सके। आगे चलकर उन्होंने नागरिकों को अपने वस्त्रों पर राष्ट्रीय ध्वज लगाने का अधिकार भी दिलाया, जिसने तिरंगे को जन–जीवन का अभिन्न हिस्सा बना दिया।
इसी विचारधारा को संस्थागत स्वरूप देते हुए फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया की स्थापना की गई। आज यह संस्था देशभर में राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और संरक्षण के लिए अग्रणी भूमिका निभा रही है। वर्तमान में फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों में 200  विशालकाय तिरंगे स्थापित किए जा चुके हैं, जो न केवल देशभक्ति की भावना को जागृत करते हैं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और गौरव का प्रतीक भी बन चुके हैं।
वर्ष 2026 का राष्ट्रीय ध्वज जागरूकता अभियान इसी यात्रा का अगला और अधिक व्यापक चरण है। इस अभियान की शुरुआत कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र से की गई है, जहां से यह पहल पूरे हरियाणा और फिर चरणबद्ध रूप से देशभर में विस्तारित होगी। अभियान के अंतर्गत सेमिनार, कार्यशालाएं, पदयात्राएं, मैराथन, जनसंवाद और शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित की की जा रही हैं, ताकि विशेष रूप से युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज के इतिहास, ध्वज संहिता और उसके सम्मान से जुड़े नियमों की जानकारी दी जा सके।
इस अभियान का एक महत्वपूर्ण पक्ष पुराने, क्षतिग्रस्त और खंडित हो चुके राष्ट्रीय ध्वजों का सम्मानजनक नवीनीकरण भी है। देशभर से ऐसे तिरंगों को एकत्रित कर उन्हें विधिसम्मत, गरिमापूर्ण और पर्यावरण के अनुकूल प्रक्रिया के माध्यम से नया स्वरूप दिया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी राष्ट्रीय ध्वज अपमानजनक स्थिति में न रहे और तिरंगे की गरिमा हर स्तर पर बनी रहे।
राष्ट्रीय ध्वज जागरूकता अभियान–2026 वस्तुतः एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ऐसा विचार है जो नागरिक अधिकार, राष्ट्रीय सम्मान और सामूहिक जिम्मेदारी को जोड़ता है। यह अभियान देशवासियों में न केवल तिरंगे के प्रति सम्मान को नई ऊर्जा देगा, बल्कि उनमें एकजुटता, अनुशासन और गर्व की भावना को भी मजबूत करेगा। सांसद नवीन जिन्दल की दूरदृष्टि और फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया की निरंतर पहल के माध्यम से तिरंगा एक बार फिर जन–जन के हृदय में अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज कराएगा।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

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