चंडीगढ़। हरियाणा में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) और चिरायु योजना गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए राहत की संजीवनी साबित हुई हैं। राज्य में 45 लाख से अधिक पात्र परिवार अब 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इनडोर इलाज मुफ्त में प्राप्त कर सकते हैं।

प्राधिकरण के अनुसार अब तक इस योजना के तहत अस्पतालों को 3,100 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 18 अगस्त तक केंद्र और राज्य सरकारों से लगभग 480 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जिनका पूर्ण उपयोग लंबित दावों के निपटान के लिए किया गया।

पांच अगस्त से अब तक राज्य के सूचीबद्ध अस्पतालों को 225 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। चिरायु योजना के तहत लंबित भुगतान के लिए 291 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि भी जारी की गई है। मेवात के गांव मोहम्मदपुर अहीर के 18 वर्षीय परीक्षा ने आयुष्मान भारत योजना के तहत कान की सर्जरी करवाई।

लंबे समय से कान में दर्द और पानी बहने की समस्या से पीड़ित परीक्षा का आपरेशन सफल रहा। अस्पताल ने एक भी रुपया नहीं लिया। साबिर के परिवार का छोटा बेटा आर्यन, जिसे दिल में छेद (एएसडी) था, 14 अगस्त को सफल हार्ट सर्जरी के बाद 19 अगस्त को स्वस्थ होकर घर लौटा। इलाज, दवाइयां और भोजन पूरी तरह निःशुल्क थे।

साबिर ने कहा कि अगर आयुष्मान भारत योजना नहीं होती तो मेरे बेटे का इलाज कराना असंभव हो जाता।  प्राधिकरण ने आश्वासन दिया कि लंबित दावों का भुगतान एनएचए, भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है।
छोटे अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही 18 और 20 अगस्त को राज्यभर के सूचीबद्ध अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया गया। प्रवक्ता ने कहा कि यदि औचक निरीक्षण के दौरान कोई अनियमितता पाई जाती है तो नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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