करनाल, 9 जुलाई। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि जिला में खरीफ सीजन में लगभग 5 लाख 30 हजार एकड़ में विभिन्न फसलों की कास्त की जाती है, जिसमें लगभग 4 लाख 50 हजार एकड़ में धान की फसल, 42 हजार एकड़ में गन्ना फसल व 38 हजार एकड़ में अन्य दूसरी फसलों की बिजाई की जाती है। इन सभी खरीफ फसलों के लिए जिले में लगभग 95 हजार एम.टी. यूरिया व 20 हजार एम.टी. डी.ए.पी. खाद की आवश्यकता होती है। जिला में अब तक डी.ए.पी. खाद की आपूर्ति लगभग पूरी हो चुकी है तथा यूरिया खाद की 70 हजार 244 एम.टी. की बिक्री की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि यूरिया व डी.ए.पी. व अन्य खादों की आवश्यकता अनुसार मांग व पूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए जिला में खाद विक्रेताओं द्वारा टैगिंग, कालाबाजारी व अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों की रोकथाम के लिए उपनिदेशक करनाल के साथ गुण नियंत्रक निरीक्षक, सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी द्वारा जिला की विभिन्न दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान दुकानों पर स्टॉक बोर्ड लगे हुए पाए गए तथा सभी दस्तावेज दुरूस्त पाये गये। किसानों व विक्रेताओं को अवगत करवाया गया कि जिला करनाल में खाद की आपूर्ति पूर्ण है। गुणवत्ता जांच के लिए रजत फर्टिलाईजर तरावड़ी, सिंगला एग्रो एजेंसी तरावड़ी, श्रीधर इन्टरप्राईजेज तरावड़ी से दो कीटनाशक व चार खाद के नमूने लिये गये।
डॉ वजीर सिंह ने बताया कि जिला में यूरिया व डीएपी खाद की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है। जिला के किसान खाद की उपलब्धता व अन्य शिकायतों के समाधान के लिए करनाल के खंड कृषि अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार शर्मा-मो. 9416074170, इंद्री के खंड कृषि अधिकारी अश्वनी कुमार-मो. 8168140732, नीलोखेड़ी के खंड कृषि अधिकारी रामपाल-मो. 9416393447, निसिंग के खंड कृषि अधिकारी कर्मवीर गिरि-मो. 9416656600 और असंध के खंड कृषि अधिकारी बलदेव सिंह-मो. 9896515375 से संपर्क कर सकते हैं।

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