अधिकारियों, कर्मचारियों को मानसून से पहले फील्ड में रहकर करना होगा काम, बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं की समीक्षा करें अधिकारी, परियोजना में कोई कमी पाए जाने या देरी होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ होगी कार्रवाई
कुरुक्षेत्र,16 मार्च। उपायुक्त नेहा सिंह ने आगामी मानसून के मौसम में जिले में जलभराव रोकने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कि वे अपने क्षेत्रों में नालों की सफाई और नहरों की डिसिल्टिंग करवाना सुनिश्चित करें। इसके अलावा बाढ़ नियंत्रण के लिए चल रही परियोजनाओं की निरंतर समीक्षा करें और समयबद्ध तरीके से उन परियोजनाओं को पूरा करवाना सुनिश्चित करें। यदि किसी परियोजना में कोई कमी पाई जाती है या परियोजना में किसी प्रकार की देरी होती है, संबंधित अधिकारियों की जिम्मेवारी तय करते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
उपायुक्त नेहा सिंह ने जिला में स्टोन स्टड, स्टोन स्टीनिंग, नालों की रीमॉडलिंग, स्थायी पंप हाउसों के निर्माण, निचले इलाकों में पाइपलाइन बिछाने और बाढ़ के पानी को नालों में गिराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी नदी या नाले के जो तटबंध गांवों की तरफ लगते हैं, उन तटबंधों की मजबूती पुख्ता की जाए। इसके अलावा, भूमि कटाव को रोकने के लिए पत्थर के स्टड बनाएं जाएं। उन्होंने बाढ़ नियंत्रण के लिए बड़ी संख्या में बनाए गए स्टोन स्टड की समीक्षा करने के निर्देश दिए ताकि जरूरत के अनुसार समय पर मरम्मत की जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि सरस्वती नदी में सीवेज का पानी या प्रदूषित नाला नहीं गिरना चाहिए क्योंकि सरस्वती नदी को साफ करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। हमें सीवेज के पानी के बहाव के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वे जिले में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित करें ताकि प्रदूषित पानी को सरस्वती नदी में जाने से रोका जा सके।
उपायुक्त नेहा सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में सिंचाई के लिए उपलब्ध पानी का समान व समुचित वितरण सुनिश्चित किया जाए ताकि किसानों को किसी प्रकार की कोई कठिनाई न आए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी स्त्रोंतों से उपलब्ध जल का प्रबंधन सही ढंग से करते हुए जिले के हर इलाके में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। आगामी गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। पेयजल आपूर्ति के लिए जलाशयों की सफाई, रॉ वाटर की आपूर्ति, टैंकर्स की आवश्यक संख्या आदि के लिए समुचित व्यवस्था की जाए।
फसल विविधीकरण के लिए किसानों को करें जागरूक
उपायुक्त नेहा सिंह ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को जागरूक करने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाएं और उन्हें धान जैसी पानी की अधिक खपत वाली फसलों की खेती करने की बजाय अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करें।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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