राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान में तीन दिवसीय राष्ट्रीय डेयरी मेला एवं किसान एक्सपो 2026 का समापन व पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित,कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बतौर मुख्य अतिथि की शिरकत
करनाल, 8 मार्च। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि यह राष्ट्रीय डेयरी मेला एवं किसान एक्सपो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की तरफ एक महत्वपूर्ण कदम है। वर्ष 2047 तक किसान की आय को चार गुणा करने व कृषि योग्य भूमि में से 20 प्रतिशत भूमि पर जैविक खेती करने का लक्ष्य रखा गया है।किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के साथ-साथ पशुपालन, बागवानी तथा अन्य सहायक गतिविधियों को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा रविवार को राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय डेयरी मेला एवं किसान एक्सपो 2026 के समापन व पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने मेले में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता पशुओ व किसानों को सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्होंने मेले में लगाई विभिन्न स्टॉलों का भी अवलोकन किया।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मेले किसानों को नई तकनीक, बेहतर नस्ल के पशु और आधुनिक खेती के तरीकों से परिचित कराते हैं, जिससे किसानों की आय में वृद्धि संभव होती है। हरियाणा की संस्कृति में दूध-दही और पशुपालन का विशेष महत्व रहा है। प्रदेश की देसी नस्लें, विशेषकर मुर्रा भैंस और देसी गाय, दूध उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि पशुपालन खेती का एक मजबूत आधार है और किसानों को बेहतर नस्ल के पशु पालकर दूध उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कार्य करना चाहिए।
उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि बदलते समय के साथ खेती के तरीकों में भी बदलाव जरूरी है। पानी की बचत के लिए स्प्रिंकलर और आधुनिक सिंचाई प्रणाली अपनानी चाहिए, जिससे पानी और खाद दोनों की बचत होगी तथा उत्पादन लागत कम होगी। साथ ही उन्होंने रासायनिक खाद और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से बचने तथा प्राकृतिक खेती की ओर बढऩे का सुझाव दिया।
कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि जमीन सीमित है और आबादी लगातार बढ़ रही है, इसलिए किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करनी होगी। उन्होंने कहा कि मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए जैविक खाद के उपयोग करना चाहिए। इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी और किसानों की लागत घटेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में विभिन्न योजनाओं चलाई जा रही हैं।जिससे किसानों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आज किसानों को उनकी उपज का भुगतान सीधे बैंक खातों में किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है।उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे वैज्ञानिकों की सलाह और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती और पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाएं तथा देश की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अपना योगदान दें।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. धीर सिंह, केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. आर.के. यादव, गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. एन एच मोहन,
नाबार्ड हरियाणा क्षेत्रीय के महाप्रबंधक गुरइकबाल सिंह, गुरु , संयुक्त निदेशक शिक्षा डॉ. ए.के. सिंह ने भी अपने विचार रखे।
