पंचकूला। तिहरे हत्याकांड के मामले में हरियाणा के गैंगस्टर नंदू गैंग के शूटर विजय गहलोत को कोर्ट के आदेश बिना पेश करना दिल्ली पुलिस पर भारी पड़ा। पंचकूला कोर्ट ने फटकार लगाई।
कोर्ट ने कहा कि यदि आरोपित को लाने के दौरान कोई अप्रिय घटना हो जाती, वह रास्ते में फरार हो जाता या किसी प्रकार की सुरक्षा संबंधी घटना हो जाती तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती।
वियज को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को तिहाड़ जेल से लाकर पंचकूला की अदालत में पेश किया। कड़ी सुरक्षा के बीच हुई इस पेशी के दौरान कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के इस कदम पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सवाल उठाया।
कोर्ट ने कहा कि जब कोर्ट की ओर से आरोपित को शारीरिक रूप से पेश करने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया था, तो उसे किस अनुमति के आधार पर तिहाड़ जेल से पंचकूला लाया गया।
अदालत ने स्पष्ट किया कि बिना न्यायालय के आदेश के किसी आरोपित को एक जेल से दूसरे स्थान पर पेश करना गंभीर प्रशासनिक चूक हो सकती है। दिल्ली पुलिस की ओर से बताया गया कि आरोपित को तिहाड़ जेल के अधीक्षक के निर्देश पर पंचकूला अदालत में पेश किया गया।
