कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर वैद्य करतार सिंह धीमान के मार्गदर्शन में 16 मार्च (सोमवार) को “एएसएच एंड एच (आयुर्वेद, सिद्ध, होम्योपैथी एवं यूनानी) चिकित्सकों में फार्माकोविजिलेंस के प्रति जागरूकता” विषय पर नेशनल सेमिनार आयोजित किया जाएगा। सेमिनार में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (NIA), जयपुर के सहायक प्रोफेसर एवं आईपीवीसी के कोऑर्डिनेटर डॉ. तरुण शर्मा तथा एनपीवीसी के कोऑर्डिनेटर डॉ. बिधान महाजन बतौर रिसोर्स पर्सन अपने विचार साझा करेंगे।
आयुष विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. सतबीर चावला ने बताया कि आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता की अध्यक्षता में विभिन्न समितियों का गठन किया गया है, जो सेमिनार से संबंधित व्यवस्था को संभालेंगी। उन्होंने बताया कि इस सेमिनार में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से 300 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होंगे। सेमिनार के लिए पंजीकरण पोर्टल खुल चुका है और इच्छुक प्रतिभागी 12 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धतियों में औषधियों की सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए फार्माकोविजिलेंस की जानकारी अत्यंत आवश्यक है। ऐसे सेमिनार चिकित्सकों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सुरक्षित और जिम्मेदार उपचार पद्धति को भी मजबूत बनाते हैं।
-एनआईए जयपुर के डॉ. तरुण और एनपीवीसी के कोऑर्डिनेटर डॉ. महाजन देंगे व्याख्यान
डॉ. राजेश वधवा
आज समाज नेटवर्क
