मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी लाडवा से 28 फरवरी को प्रदेशव्यापी नि:शुल्क एचपीवी टीकाकरण अभियान का करेंगे शुभारंभ, प्रदेश में लोगों सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए शुरू होगा टीकाकरण अभियान
कुरुक्षेत्र, 26 फरवरी। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि प्रदेश में अब सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए नि:शुल्क एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इस प्रदेशव्यापी अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 28 फरवरी को लाडवा के रामकुंडी संस्थान के सभागार से करेंगे। इस टीकाकरण अभियान के प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम की तैयारियां स्वास्थ्य विभाग की तरफ से की जा रही है और इसके लिए जिला सिविल सर्जन डा. सुखबीर सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगी हुई है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने आज यहां बातचीत करते हुए कहा कि देश में 28 फरवरी को एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। इस अभियान का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजस्थान के अजमेर जिले से करेंगे इसके साथ ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्रदेशव्यापी टीकाकरण अभियान का लाडवा से शुरू करेंगे। इस प्रदेशव्यापी अभियान की तैयारियों को लेकर सीएमओ डा. सुखबीर सिंह और उनकी टीम को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हुए है। इस टीम ने वीरवार को रामकुंडी धर्मशाला में तैयारियों का जायजा भी लिया है।
जिला सिविल सर्जन डा. सुखबीर सिंह ने कहा कि महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे आम कैंसर है जिसका मुख्य कारण ह्यूमन पैपीलोमा वायरस(एचपीवी) है। इस एचपीवी वैक्सीन इस रोग के संक्रमण को रोकती है और सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी कम करती है। इस अभियान में किशोरियों को वैक्सीन लगाई जाएगी। जिनकी उम्र 14 वर्ष से अधिक और 15 वर्ष से कम है, निजी बाजार में एचपीवी वैक्सीन काफी महंगी है, लेकिन इस अभियान में सभी पात्र किशोरियों को वैक्सीन मुफ्त प्रदान की जाएगी। यह विशेष टीकाकरण अभियान 3 माह तक संचालित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत मर्क एंड कंपनी द्वारा निर्मित गार्डिसिल वैक्सीन का उपयोग किया जाएगा। यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावित है, इसके दुष्प्रभाव ना के बराबर है तथा बहुत हल्के है तथा उचित वैज्ञानिक मूल्यांकन के बाद ही इस वैक्सीन को स्वीकृत किया गया है। इस टीकाकरण से पहले ओटीपी द्वारा माता पिता की लिखित सहमति प्राप्त की जाएगी। सभी टीकाकरण का रिर्काड यू-विन पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। टीकाकरण के बाद पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजे गए लिंक का प्रयोग करके डिजिटल प्रमाण पत्र को डाउनलोड किया जा सकेगा। यह टीकाकरण प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा शिक्षकों की देख रेख में किया जाएगा। सभी जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में इसके लिए विशेष सत्र किए जाएंगे।
