कृषि एवं किसान कल्याण विभाग मंत्री श्याम सिंह राणा ने गांव तलहेडी में एकीकृत बागवानी विकास ,मिशन के तहत आयोजित जिला स्तरीय सेमिनार को किया संबोधित,उमरी के प्रेमपाल ने प्राकृतिक खेती ने देसी अलसी, तिल, घी, मुरब्बे किए तैयार,प्राकृतिक खेती के लिए प्रति देशी गाय खरीदने पर 30 हजार रुपए सब्सिडी की प्रावधान,खेती कार्य आसान करने के लिए कम दामों पर कृषि यंत्र उपलब्ध करवा रही सरकार,मधुमक्खी पालन और मशरूम फार्मिंग में कम मेहनत से ज्यादा उत्पादन ,किसानों को बांटे नेट हाउस की सब्सिडी के 2 लाख से 11 लाख तक के चैक
पिहोवा, 14 फरवरी।
 कृषि एवं किसान कल्याण विभाग मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में किसानों के आय में वृद्धि और फसलों में सुधार के परिणाम सामने आए हैं। सरकार के सहयोग से प्रदेश का किसान कड़ी मेहनत और सूझबूझ से खेती की परिभाषा बदल रहा हैं। उन्होंने कहा कि विभागीय गतिविधियों के परिणाम स्वरूप कुरुक्षेत्र के किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी को अपनाकर अपनी आय में दिन प्रतिदिन वृद्धि दर्ज कर रहे हैं। आधुनिक तकनीक और प्रगति से जिला कुरुक्षेत्र के किसान उत्तम तकनीक के साथ खेती करने में पूरे प्रदेश का मार्गदर्शन कर रहा हैं। किसान वर्ग आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा शनिवार को गांव तलहेडी में एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत आयोजित जिला स्तरीय सेमिनार में बोल रहे थे। सेमिनार का उद्देश्य किसानों को बागवानी और प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम में पहुंचने पर मंत्री श्याम सिंह राणा का जिला बागवानी अधिकारी शिवेंदु प्रताप सोलंकी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि संरक्षित खेती में नेट हाउस के माध्यम से प्रतिकूल मौसम में भी किसान वर्ग सब्जियों का भरपूर उत्पादन कर रहे हैं। फलों की खेती में अमरूद, नाशपाती और मशरूम की यूनिट लगाकर नए आयाम स्थापित कर किसान एक सफल उद्यमी बन रहें है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार की नीतियां कागजों से निकलकर सीधे किसानों के खेतों तक पहुंच रही हैं। बागवानी विभाग के माध्यम से अनुदान सहायता देकर किसानों की लागत कम में बचत को बढ़ाना है। बागवानी को अपनाना केवल खेती बदलना नहीं बल्कि अपने जीवन स्तर को बदलना हैं। यही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करना होगा।
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि सरकार ने किसानों के लिए बागवानी विभाग के माध्यम से विभिन्न प्रकार की कल्याणकारी योजनाओं को लागू किया है। बागवानी विधि कारण, हरियाणा मधुमक्खी पालन नीति 2021, जल तालाब, वर्टिकल और संरक्षित खेती, भावांतर भरपाई योजना, मधुमक्खी बागवानी बीमा योजना, मशरूम उत्पादन, बागवानी मशीनीकरण, कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस व प्याज भंडार, कीटनाशक अवशेष प्रयोगशालाएं, किसान उत्पादक समूह एफपीओ, फसल समूह विकास कार्यक्रम, उत्कृष्ट केदों के स्थापना हरियाणा सरकार द्वारा दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस दौरान नेचुरल फार्मिंग न सिर्फ किसानों के लिए बल्कि खेती की जमीन के लिए अच्छी होती है। नेचुरल फार्मिंग करने से किसान का केमिकल और फर्टिलाइजर पर पैसे खर्च नहीं करने पड़ते। नेचुरल फार्मिंग के तरीके से खेती करने पर जो उपज होती है, उसके सब्जी मंडियों में काफी अच्छे दाम मिल जाते हैं। किसान को कम लागत पर अच्छा मुनाफा मिलता है जो उनकी आय में वृद्धि करता है। प्राकृतिक खेती से मृदा स्वास्थ्य में सुधार होता है। प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र बहाल होता है। किसानों की बाहरी बाजार पर निर्भरता कम होती है। जलवायु परिवर्तन के प्रति अधिक लचीलापन मिलता है और सबसे बढकर हमारी भावी पीढिय़ों के लिए सुरक्षित और फल सब्जियां स्वस्थ भोजन और पर्यावरण मिलता है।
किसानों को वितरित किए नेट हाउस की सब्सिडी के 2 लाख से 11 लाख तक के चैक
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने जिला स्तरीय सेमिनार के दौरान किसानों को सब्सिडी के राशि के चेक भेंट किए गए। इनमें तारा रानी को नेट हाउस के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी का 11 लाख, निर्मल सिंह 2 लाख 40 हजार, कुलवंत कौर 2 लाख 45 हजार की राशि विभाग का चेक सौंपा गया। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को बागवानी विभाग द्वारा सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर कृषि विभाग, मत्स्य पालन विभाग, पशुपालन विभाग द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी में योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवाई गई। डा. एके भारद्वाज ने मधुमक्खी पालन की बागवानी विभाग की स्कीमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
मधुमक्खी पालन और मशरूम फार्मिंग में कम मेहनत से ज्यादा उत्पादन
बागवानी विभाग के डायरेक्टर डॉ जोगिंदर सिंह ने कहा कि बागवानी विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में किसान को हिस्सा जरुर लेना चाहिए। इन कार्यक्रमों में खेती को सुगम तरीके से किए जाने की योजनाओं को विस्तार से बताया जाता है, जो किसानों की आय में वृद्धि करने में मददगार साबित होते हैं। मौजूदा समय में मधुमक्खी पालन और मशरूम फार्मिंग में कम मेहनत से ज्यादा उत्पादन करके आय को बढ़ा सकते हैं।
खेती कार्य आसान करने के लिए कम दामों पर कृषि यंत्र उपलब्ध करवा रही सरकार
भाजपा नेता जयभगवान डीडी शर्मा ने कहा कि अब पिहोवा मशरूम फार्मिंग हब बन चुका है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार द्वारा कृषि यंत्रों पर सब्सिडी से लेकर फसल विविधीकरण सहित सभी कार्यों पर आर्थिक सहायता की जाती है। किसानों के लिए खेती कार्य आसान हो सके, इसके लिए उन्हें कम दामों पर उचित कृषि यंत्र उपलब्ध करवाए जाते हैं।  सरकार किसानों की हर प्रकार की सहायता के लिए हर समय तैयार है। उन्होंने सभी किसानों से अपील करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने से बहुत सारी गंभीर बीमारियों से आमजन को बचाने में मदद करें और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा अधिक से अधिक दें ताकि किसानों की पांच गुणा कर सकते हैं।
प्राकृतिक खेती के लिए प्रति देशी गाय खरीदने पर 30 हजार रुपए सब्सिडी की प्रावधान
खंड कृषि अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि देसी गाय पर खरीदने पर सरकार द्वारा 30 हजार रुपए और तीन हजार रुपए चार ड्रम खरीदने पर अनुदान राशि कृषि किसान कल्याण विभाग द्वारा दी जाती हैं। देसी खाद को बनाने के लिए किसान को मिट्टी, बेसन, देसी गुड़, देसी गाय का मूत्र, देसी गाय के गोबर के मिश्रण को 24 से 48 घंटे सड़ा कर देसी खाद तैयार किया जाता है, जो खेतों में डालकर जीवाणुओं को पैदा करता है।
उमरी के प्रेमपाल ने प्राकृतिक खेती ने देसी अलसी, तिल, घी, मुरब्बे किए तैयार
पिछले 6 सालों से प्राकृतिक खेती करने वाले उमरी गांव निवासी प्रेमपाल ने कहा कि जो प्राकृतिक खेती से देसी अलसी, तिल, घी, मुरब्बे, आचार, सब्जियां, दूध  सहित विभिन्न प्रकार के समान प्राकृतिक तरीके से बना रहे हैं। उन्होंने इन प्रोडक्टों को तैयार करने की जानकारी दी। इस अवसर पर पशुधन विकास बोर्ड चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर, संदीप सुपरवाइजर, प्रताप सिंह राणा, विकास कश्यप, अमित यादव, श्याम सिंह, सुपरवाइजर संदीप सिंह, अर्जुन सिंह, यादवेंद्र सिंह मशरूम फार्मिंग तलहेडी, हरपाल सिंह मशरूम फार्मिंग तलहेडी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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