आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब विकल्प नहीं, गुणवत्ता व दक्षता के लिए अनिवार्यः प्रो. सोमनाथ सचदेवा
कुवि में चौथा वार्षिक प्रो. पी. सी. जैन मेमोरियल लेक्चर
कुरुक्षेत्र, 6 फरवरी।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स शिक्षा, हेल्थकेयर और इंडस्ट्री को बदल रहे हैं, जिससे युवाओं के लिए भविष्य के लिए तैयार और आत्मनिर्भर बनने के लिए इन टेक्नोलॉजी की जानकारी ज़रूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब ऑप्शनल नहीं बल्कि काम की एफिशिएंसी और क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए एक ज़रूरत है।
वे शुक्रवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र एलुमनाई एसोसिएशन के सहयोग से “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का नैतिक शासनः विकसित भारत के लिए एक नीडोनॉमिक्स फ्रेमवर्क” विषय पर आयोजित चौथे वार्षिक प्रो. पी. सी. जैन मेमोरियल लेक्चर के दौरान अपने अध्यक्षीय भाषण में बोल रहे थे। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि आज के युवाओं के लिए इन आधुनिक तकनीकों की समझ भविष्य के लिए तैयार और आत्मनिर्भर बनने हेतु अत्यंत आवश्यक है।  कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा  ने स्पष्ट किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब कोई वैकल्पिक तकनीक नहीं रही, बल्कि कार्य-दक्षता और गुणवत्ता में सुधार के लिए एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है।
मुख्य भाषण देते हुए, नीडोनॉमिक्स स्कूल ऑफ थॉट के प्रणेता और पूर्व कुलपति, स्टारेक्स विश्वविद्यालय, गुरुग्राम प्रो. एम.एम. गोयल ने कहा कि जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दक्षता, पारदर्शिता, लक्षित कल्याण वितरण और परिणाम-आधारित बजट के लिए अपार संभावनाएं प्रदान करता है, वहीं यह नौकरी छूटने, एल्गोरिथम पूर्वाग्रह, निगरानी की ज्यादतियों और बहिष्कार जैसे गंभीर नैतिक जोखिम भी पैदा करता है। उन्होंने आगाह किया कि ऐसी चुनौतियां तकनीकी विफलताएं नहीं हैं, बल्कि लालच पर आधारित शासन की विफलताएं हैं। उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, शासन, सेवा वितरण और आर्थिक समावेशन के लिए एक शक्ति गुणक है, लेकिन इसका उपयोग अच्छाई के साथ विकास के नीडोनॉमिक्स दर्शन पर आधारित होना चाहिए। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष संबोधन दिया।
मुख्य अतिथि, प्रो. के.के. अग्रवाल ने प्रो. पी.सी. जैन को श्रद्धांजलि देकर अपना व्याख्यान शुरू किया। उन्होंने दर्शकों को एक विषय के रूप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इतिहास से परिचित कराया और भारतीय संदर्भ में समावेशी विकास और शासन को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारत के लिए सुरक्षित और विश्वसनीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की आवश्यकता का समर्थन किया।  इसके बाद, एम.ए. इकोनॉमिक्स में फर्स्ट क्लास फर्स्ट पोजीशन हासिल करने के लिए साल 2024 और 2025 के लिए श्रीमती मेवावती गोयल अवॉर्ड क्रमशः रिया पाहुजा और नेहा पराशर को दिया गया। इस मौके पर इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट के साथ-साथ इंस्टीट्यूट फॉर इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के सभी फैकल्टी मेंबर्स, प्रो. पी.सी. जैन के सभी परिवार के सदस्य, जिनमें विशिष्ट अतिथि अक्षय कीर्ति जैन (प्रो. पी.सी. जैन के पुत्र), भारत के अलग-अलग हिस्सों से प्रो. पी.सी. जैन के स्टूडेंट्स सहित शिक्षाविद, रिसर्च स्कॉलर्स, स्टूडेंट्स मौजूद थे।

कुवि के मीडिया संस्थान में विद्यार्थियों को मिला कौशलयुक्त कॅरियर मार्गदर्शन
कुरुक्षेत्र, 6 फरवरी।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा के  मार्गदर्शन में तथा मीडिया संस्थान के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया की प्रेरणा से जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के मिनी ऑडिटोरियम हॉल में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर ट्रैनिंग इंटर्नशिप एंप्लॉयमेंट और गाँधी फेलोशिप, पीरामल फाउंडेशन, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में ‘कॅरियर अपॉर्चुनिटी इन अनकंडीशनल सोशल सेंटर’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्थान की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मधुदीप सिंह ने कहा कि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर ट्रेनिंग इंटर्नशिप एंप्लॉयमेंट, गाँधी फेलोशिप, पीरामल फाउंडेशन के सदस्य विद्यार्थियों के स्वर्णिम भविष्य के लिए कैरियर परामर्श, फैलोशिप और रोजगार उपलब्ध करवा रहे हैं इसकी जितनी तारीफ की जाए उतनी ही कम है।
कुवि प्रशिक्षण प्रशिक्षुता और रोजगार केन्द्र के कोर्डिनेटर डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र विद्यार्थियों को कौशलयुक्त रोजगार परामर्श देना विश्वविद्यालय की प्राथमिक उदेश्यों में से एक है जिसके तहत समय-समय पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं उसी कड़ी में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है।  डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को सरकारी नौकरियों के अतिरिक्त गैरसरकारी संस्थाओं में भी करियर बनाया चाहिए क्योंकि गैर सरकारी संस्थान सरकारी संस्थाओं से अधिक विभिन्न क्षेत्रों में नौकरियां प्रदान कर रहा है जिसके तहत गैर सरकारी संस्थानों में कार्यरत लोग राष्ट्र की उन्नति में अपना योगदान दे रहे हैं। इसी कड़ी में कुरुक्षेत्र यूनिवसिर्टी सेंटर फॉर टैªनिंग इंटर्रशिप इम्पलॉयमेंट, गाँधी फैलोशिप, पीरामल फाऊडेशन के साथ विद्यार्थियों को बेहतर कॅरियर के अवसर प्रदान कर रहा है जिसका उन्हें लाभ होगा।
इस अवसर पर संस्थान के अस्सिटेंट प्रोफेसर डॉ. तपेश किरण ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर ट्रैनिंग इंटर्नशिप एंप्लॉयमेंट के इंचार्ज डॉ. महेंद्र सिंह, गाँधी फेलोशिप, पीरामल फाऊडेशन के सदस्यों अवनीत कौर, मधुस्मिता का स्वागत करते हुए कहा कि संस्थान के विद्यार्थियों को इस अवसर का पूर्ण लाभ उठाना चाहिए।
इस अवसर पर गांधी फेलोशिप, पीरामल फाउंडेशन की सदस्य अवनीत कौर, मधुस्मिता ने विद्यार्थियों को पीपीटी के माध्यम से गाँधी फैलोशिप, पीरामल फाऊडेशन के कार्याे के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने संस्थान के विद्यार्थियों को गाँधी फैलोशिप, पीरामल फाउंडेशन से पंजीकरण करवाया जिससे वे भविष्य में सीधे तौर पर कार्य कर सके। इस कार्यक्रम में प्रो. महाबीर सिंह, डॉ. जसविन्द्र सिंह, डॉ. स्नेह, डॉ. हिमानी, डॉ. आबिद अली, डॉ. अभिनव, डॉ. रोशन मस्ताना, गौरव कुमार, सचिन कुमार, राकेश कुमार, कंचन शर्मा, नितिन और विद्यार्थीगण मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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कॉमर्स व आईआईएचएस में भी आयोजित हुआ कॅरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग एवं इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज में भी कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर ट्रेनिंग, इंटर्नशिप एंड एम्प्लॉयमेंट, गांधी फैलोशिप एवं पीरामल फाउंडेशन के संयुक्त तत्त्वावधान में इसी विषय पर कॅरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सामाजिक क्षेत्र में कॅरियर, फैलोशिप एवं रोजगार के अवसरों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

बॉक्सिंग रिंग में चमकीं प्रतिभाएँ
कुवि इंटर कॉलेज बॉक्सिंग चैम्पियनशिप के दूसरे दिन फाइनल मुकाबले रहे रोमांच से भरपूर
कुरुक्षेत्र, 6 फरवरी।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी इंटर कॉलेज बॉक्सिंग चैम्पियनशिप का आयोजन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के बॉक्सिंग हॉल में भव्य रूप से जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन लड़कियों के फाइनल मुकाबले खेले गए जो रोमांच से भरपूर रहे जिसमें विभिन्न भार वर्गों की मुक्केबाज़ों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग कोच राजेश कुमार राजौंद ने बताया कि सभी फाइनल मुकाबले अत्यंत रोमांचक रहे और खिलाड़ियों ने बेहतरीन तकनीक व जज़्बे का परिचय दिया।
लड़कियों के फाइनल मुकाबलों में 45-48 किलोग्राम वर्ग में जनता कॉलेज कौल की मुस्कान ने आरकेएसडी कॉलेज कैथल की गीतू को हराकर स्वर्ण पदक जीता। 48-51 किलोग्राम वर्ग में आरकेएसडी कॉलेज कैथल की माफ़ी ने आर्य कॉलेज पानीपत की मंजू को पहले दौर में पराजित किया। 51-54 किलोग्राम वर्ग में आरकेएसडी कॉलेज कैथल की नीतू ने एस.ए. जैन कॉलेज अंबाला की शिवानी को हराया। 54-57 किलोग्राम वर्ग में आरकेएसडी कॉलेज कैथल की ममतेश ने केएमवी पूंडरी कॉलेज की काजल को पराजित किया। 57-60 किलोग्राम वर्ग में गुरु नानक खालसा कॉलेज यमुनानगर की मानसी ने आरकेएसडी कॉलेज कैथल की हिमांशी को हराया। 60-65 किलोग्राम वर्ग में आर्य कॉलेज पानीपत की तमन्ना ने आरकेएसडी कॉलेज कैथल की सलोनी को पराजित किया। 65-70 किलोग्राम वर्ग में जनता कॉलेज कौल की वंशिका ने एस.ए. जैन कॉलेज अंबाला की गुनगुन को हराकर स्वर्ण पदक जीता।  70-75 किलोग्राम वर्ग में विनायक कॉलेज करनाल की ख़ुशी ने यूडीटी की माफ़ी को हराया। 80$ किलोग्राम वर्ग में एस.ए. जैन कॉलेज अंबाला की काजल ने आरकेएसडी कॉलेज कैथल की अर्चना को पराजित किया। लड़कों के मुकाबलों में भी दूसरे दिन ज़ोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। 70 किलोग्राम वर्ग में यूटीडी के अर्णव ने भगवान परशुराम कॉलेज के विकास को हराया।  75 किलोग्राम वर्ग में यूटीडी के उदय सिंह ने एस.ए. जैन कॉलेज अंबाला के सनी को पराजित किया। इसी भार वर्ग में जाट कॉलेज कैथल के निलेश ने आर्य कॉलेज पानीपत के तुषार को हराया।
इस अवसर पर ऑब्ज़र्वर डॉ. राजेश फोर, डॉ. बृजेश गुप्ता, डॉ. सौरभ थिरका, बॉक्सिंग कोच विक्रम, कपिल यादव, मंदीप, कीमत, स्वीटी, पूजा, सत्यवान, जितेंद्र, अमरजीत, गुरमीत, जसबीर, सुनील डांगी, संजय सहित खेल निदेशालय का सहायक स्टाफ एवं अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

केयू महात्मा गांधी एआईएस कोचिंग संस्थान में यूजीसी प्रथम पेपर के लिए निःशुल्क कक्षाएं 16 फरवरी से
एससी,एसटी, ओबीसी एवं अल्पसंख्यक विद्यार्थी कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन
कुरुक्षेत्र, 06 फरवरी।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशानुसार केयू महात्मा गांधी एआईएस कोचिंग संस्थान में यूजीसी नेट पेपर प्रथम के लिए अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी एवं अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क ऑफलाइन कोचिंग-सह-परामर्श कक्षाएं 16 फरवरी 2026 से 27 फरवरी 2026 तक आयोजित होंगी। यह जानकारी देते हुए कोचिंग संस्थान के निदेशक प्रो. जोगिन्द्र सिंह ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी गूगल फार्म लिंक http://forms.gle/KvqrnbZQrV4Wj7A8  पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के संचालन हेतु न्यूनतम 25 अभ्यर्थियों के नामांकन आवश्यक है वहीं अधिकतम 40 विद्यार्थियों को इसमें प्रवेश दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यूजीसी नेट प्रथम पेपर में आवेदन की अंतिम तिथि 12 फरवरी 2026 निर्धारित है।
कोचिंग संस्थान के उपनिदेशक डॉ. कुलदीप मेहंदीरत्ता ने बताया चयनित अभ्यर्थियों की सूचना 13 फरवरी 2026 को ईमेल/व्हाट्सऐप के माध्यम से प्रदान की जाएगी तथा कक्षाएं 16 फरवरी 2026 से शुरू होंगी। उन्होंने बताया कि कक्षाएं दोपहर 2 बजे से 5 बजे के बीच आयोजित होंगी जिसमें प्रतिदिन विषय विशेषज्ञों द्वारा तीन व्याख्यान दिए जाएंगे।

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