घर पर ही गीला व सूखा कचरा अलग करें नागरिक, उचित कचरा प्रबंधन हमारे स्वास्थ्य, पर्यावरण और स्वच्छता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण- निगमायुक्त।
करनाल 6 फरवरी, स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 को लेकर नगर निगम करनाल कचरा पृथक्करण की ओर आगे बढ़ रहा है। इसे लेकर सूचना, शिक्षा और संचार (आई.ई.सी.) गतिविधियों के तहत स्वच्छ भारत मिशन शहरी टीमें प्रत्येक वार्ड में घर-घर जाकर शहरवासियों को गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग करने के लिए लगातार जागरूक कर रही हैं।
नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि कचरे का उचित पृथक्करण हमारे घरों, कार्य स्थलों और सार्वजनिक स्थानों में खतरनाक कचरे और संक्रामक पदार्थों को कम करता है। इससे एक सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण बनता है, जिससे हानिकारक पदार्थों के सम्पर्क में आने का खतरा कम होता है। उन्होंने कहा कि कूड़े-कर्कट का सही तरीके से पृथक्करण आज के समय में पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों की रक्षा करता है और यह शहर की स्वच्छता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भी है।
कचरे को कैसे अलग करें-
गीला कचरा- सब्जी के छिलके, बचा हुआ भोजन, सड़े फल व चायपत्ती जैसे कचरे को हरे डस्टबिन में डाला जाए। गीले कचरे से बेहतरीन खाद बनाई जा सकती है, जो मिट्टïी की उपजाऊ शक्ति को बढ़ाती है।
सूखा कचरा- प्लास्टिक की बोतलें, काबज, डिब्बे व गत्ता जैसे कचरे को नीले डस्टबिन में डाला जाए। सूखे कचरे को आसानी से रिसाइकिल किया जा सकता है, जिससे नए संसाधनों का कम उपयोग होता है।
कचरा पृथक्करण का महत्व-
1. पर्यावरण प्रदूषण में कमी- गीला कचरा और सूखा कचरा मिलकर जहरीली गैसें और रसायन उत्पन्न करते हैं, जो मिट्टïी, जल और वायु को प्रदूषित करते हैं। इन्हें अलग करने से यह सीधे लैंडफिल में नहीं जाता, जिससे प्रदूषण कम होता है।
2. पुनर्चक्रण और दोबारा इस्तेमाल- प्लास्टिक, धातु और कांच जैसी सूखी वस्तुओं को आसानी से रिसाइकिल किया जा सकता है, जिससे नए उत्पादों के लिए कच्चे माल की बचत होती है।
3. बेहतर खाद- गीले कचरे से घर पर या नगर निगम द्वारा आसानी से उच्च गुणवत्ता वाली खाद बनाई जा सकती है, जो मिट्टïी के लिए बहुत फायदेमंद होती है।
4. सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा- कूड़े के ढेर से मक्खियां, कीड़े और बीमारियां फैलती हैं। सही प्रबंधन से बीमारियां फैलने का खतरा कम होता है। खतरनाक कचरा जैसे बैटरियां, दवाएं आदि अन्य कचरे से मिलने पर हानिकारक रसायनों का कारण बनती है, इसलिए इसे अलग करना जरूरी है।
5. कचरा उठाने वालों की सुरक्षा- घर से ही कचरा अलग-अलग करने पर, कूड़ा बीनने वाले या कचरा एकत्र करने वाले कर्मचारियों को हानिकारक या नुकीली चीजों से चोट लगने का खतरा कम हो जाता है।
निगमायुक्त ने कहा कि स्वच्छ शहर के लिए यह जरूरी है कि हम अपने घर से ही गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग करें, क्योंकि सही कचरा प्रबंधन ही स्वस्थ जीवन और बेहतर पर्यावरण का आधार है। उन्होंने कहा कि कचरा प्रबंधन केवल सरकार या नगर निगम की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। घर पर ही कचरा अलग करने से हम एक स्वच्छ और हरा-भरा शहर बना सकते हैं।
