केंद्र सरकार मनरेगा को धीरे-धीरे कमजोर करने का कर रही है काम : मेवा सिंह
मोदी सरकार को गांव के लोग नहीं बल्कि अडानी अंबानी चाहिए: अशोक अरोड़ा
कुरुक्षेत्र। जिले में कांग्रेस पार्टी द्वारा “मनरेगा बचाओ” संग्राम के तहत जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।
विरोध प्रदर्शन की अगुवाई जिला कांग्रेस अध्यक्ष मेवा सिंह ने की। इस अवसर पर थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा, पूर्व सांसद कैलाशो सैनी के साथ साथ
बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्रित होकर जिला उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। सबसे पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) को कमजोर करने का आरोप लगाए गए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मेवा सिंह ने कहा कि मनरेगा योजना ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब, मजदूर, किसान परिवारों और बेरोजगार लोगों के लिए रोजगार का सबसे बड़ा सहारा है। लेकिन हाल के समय में मनरेगा के तहत काम कम मिलने, मजदूरी भुगतान में देरी, कार्यों को रोकने और बजट में कटौती जैसी समस्याओं के कारण हजारों श्रमिकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि
सरकार मनरेगा को धीरे-धीरे कमजोर कर रही है, जिससे ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा सिर्फ रोजगार योजना नहीं, बल्कि गरीबों की जिंदगी से जुड़ी योजना है। यदि इसे कमजोर किया गया तो ग्रामीण परिवारों के लिए हालात और भी खराब हो जाएंगे।
थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि गांव से पलायन रोकने और मजदूरों को काम का अधिकार देने के लिए राहुल गांधी की पहल पर यूपीए सरकार यह कानून लेकर आई थी लेकिन मोदी सरकार को गांव के लोग नहीं बल्कि अडानी अंबानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब जो नया एक्ट बना है उसमें 40% हिस्सेदारी राज्य सरकारों की होगी राज्य सरकार पहले ही आर्थिक बोझ के तले दबी हुई है ऐसे में वह किस प्रकार सहयोग दे सकती हैं।
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पूर्व सांसद कैलाशो सैनी ने कहा कि मनरेगा का सीधा असर गांवों की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। जब मनरेगा के काम रुकते हैं, तो गरीब परिवारों की आय बंद हो जाती है, जिससे घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो जाता है। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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ज्ञापन सौंपने को लेकर हुआ हंगामा
कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक विरोध प्रदर्शन किया गया।
करीब 12:40 बजे कांग्रेस पदाधिकारी जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने उनके कार्यालय पहुंचे, लेकिन काफी देर इंतजार के बावजूद जिला उपायुक्त मौके पर नहीं आए। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए नाराजगी जाहिर की। जब कार्यकर्ता जिला उपायुक्त कार्यालय की ओर आगे बढ़ने लगे तो पुलिसकर्मियों के द्वारा कार्यकर्ताओं को रोकने की रोकने की कोशिश की गई ओर धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
कुछ देर बाद अतिरिक्त जिला उपायुक्त मौके पर पहुंचे, जिसके बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें ज्ञापन सौंपा। थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा की पहले सूचना देने के बावजूद भी जिला उपायुक्त का ना आना जनता के प्रति जो जिम्मेवारी बनती है नहीं निभाई जा रही।
