करनाल, 27 जनवरी। आज यहां जिला सचिवालय सभागार में सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक अतिरिक्त उपायुक्त योगेश मेहता की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें पिछले बैठक के लंबित 17 मामले और आज की बैठक के 6 नए ऐजंडों पर विचार-विमर्श कर जरूरी निर्देश दिए गए। बैठक में बताया कि दिसंबर 2025 में 34 हजार 796 चालान काट कर 80 लाख 63 हजार 900 रुपये जुर्माना किया गया।
बैठक में बताया गया कि गत माह ओवर स्पीड के 7405, बिना हेलमेट के 14 हजार 212, शराब पीकर वाहन चलाने के 112, बिना नंबर प्लेट के 575, लेन चेंज के 1950, गलत दिशा में वाहन चलाने के 536, गलत पार्किंग के 1000, लाल बत्ती उल्लंघन के 766, बिना थ्रर्ड पार्टी बीमा के 2548, जेब्रा क्रासिंग के 533, बिना पोल्यूशन सर्टिफिकेट के 4511, बिना सीट बेल्ट के 12 चालान काटे गए। इस महीने सडक़ नियमों को ठेंगा दिखाने वालों से कुल 80 लाख 63 हजार 900 रुपये जुर्माना किया गया। इसके अलावा आरटीए द्वारा दिसंबर 2025 में 311 चालान काट कर 11552400 रुपये जुर्माना किया गया।
आईडीटीआर करनाल द्वारा प्रशिक्षण के लिए 730 लोगों का पंजीकरण किया गया जिसमें से 726 ने प्रशिक्षण पूरा किया। आरटीए कार्यालय द्वारा भारी वाहनों के 104 लाइसेंस जारी किए गए जबकि 557 का नवीनीकरण किया गया। नेशनल हाईवे पर विभिन्न ढाबों के सामने अवैध तरीके से खोले गए कट के बारे में संबंधित अधिकारी ने बताया कि करनाल जिला में अब तक 22 एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी हैं। अतिरिक्त उपायुक्त ने निसिंग-कैथल रोड पर फीकी पड़ चुकी सफेद पट्टी को ठीक करने के निर्देश दिए। मेरठ रोड पर नगला फार्म के नजदीक मिरगाहन गांव में प्रवेश बिंदु पर गति अवरोधक बनाने और शहर के विश्वकर्मा चौक पर गड्ढ़ों के स्थायी समाधान के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। मोटर दुर्घटना स्कीम 2022 के तहत हिट एंड रन के मामलों में पीडि़तों को मुआवजा देने बारे में बताया गया कि उपायुक्त द्वारा 90 में से 83 मामलों को स्वीकृति दी जा चुकी है। सात मामले क्लेम जांच अधिकारी को वापस भेजे गए है। जीआईसी द्वारा 32 मामलों में मुआवजा दिया जा चुका है। एडीसी श्री मेहता ने जीआईसी अधिकारियों के साथ अलग से बैठक बुलाने के निर्देश दिए ताकि लंबित केसों में मुआवजे का भुगतान जल्द किया जा सके। बैठक में बताया गया कि सुरक्षित स्कूल वाहन नीति के तहत जिला में 160 बसों की जांच की गई। यह भी बताया गया कि 2025 में जिला में 759 दुर्घटनाएं हुईं जिनमें 342 लोगों की मौत हुई जबकि 2024 में 692 दुर्घटनाओं में 325 लोगों की मौत हुई थी। बताया कि जिला में दुर्घटना संभावित सात स्थानों की पहचान की गई है। इस पर एडीसी ने कहा कि इस बारे में अगली बैठक में बताया जाए कि क्या चिह्नित स्थान पिछले साल भी यही थे। गत वर्ष चिह्नि स्थानों पर उठाए गए कदमों से क्या हादसे कम हुए। उन्होंने मेरठ चौक से यमुना केनाल पर अवैध कटों के कारण होने वाले हादसों की रोकथाम के लिए ग्रिल लगवाने के निर्देश दिए।
बैठक में एसडीएम प्रदीप कुमार, असंध के एसडीएम राहुल, घरौंडा के एसडीएम राजेश सोनी, जीएम रोडवेज कुलदीप के अलावा पुलिस व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी, समिति के गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे।
