करनाल पुलिस लाईन में धूम-धाम से मनाया गया जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह,
समारोह में विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने फहराया ध्वज, परेड की ली सलामी
करनाल, 26 जनवरी, 77 वें गणतंत्र दिवस के पावन पर्व पर आयोजित जिला स्तरीय समारोह में विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविन्द्र कल्याण ने करनाल व प्रदेश के लोगों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मैं यहां पर उपस्थित आप सभी का स्वागत एवं अभिनंदन करता हूँ। आज, मैं स्वतंत्रता सेनानियों व शहीदों को भी नमन करता हूँ, जिनके बलिदानों से हमें गणतंत्र दिवस मनाने का यह गौरवशाली अवसर प्राप्त हुआ है। इस समारोह में उनके साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रेशमा कल्याण भी उपस्थित रही।
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष सोमवार को स्थानीय पुलिस लाइन मैदान में आयोजित 77 वें गणतंत्र दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर देश की आजादी के लिए प्राण न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके पश्चात, उन्होंने पुलिस लाइन मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज ही के दिन 76 वर्ष पहले सन 1950 को हमारा संविधान लागू हुआ था। इसी संविधान ने हमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता के मौलिक अधिकार दिए। इसी दिन भारत विश्व का सबसे बड़ा संप्रभुता सम्पन्न, लोकतांत्रिक गणराज्य बना। इस अवसर पर, मैं संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित संविधान सभा के तमाम सदस्यों को नमन करता हूँ। आज का यह ऐतिहासिक दिन देशवासियों को एक मजबूत राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने के लिए साहस और प्रेरणा देता है। इस दिन हम उन महापुरुषों को भी याद करते हैं, जिन्होंने भारत को स्वतंत्रता दिलवाने और भारतीय संविधान को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनकी बदौलत ही भारत आज एक गणराज्य कहलाता है। देश को आजादी दिलाने के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, लाला लाजपत राय, सरदार वल्लभ भाई पटेल, डॉ राजेन्द्र प्रसाद जैसे महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों ने कड़ा संघर्ष किया।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान हमारे देश का वो महत्वपूर्ण दस्तावेज है, वो ग्रंथ है, जो देश के शासन, नागरिकों के अधिकारों और सरकार के ढांचे को परिभाषित करता है। हमारा संविधान नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और न्याय जैसे मूलभूत अधिकार प्रदान करता है। यह सरकार के तीन अंगों (विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका) के बीच शक्तियों का विभाजन करता है। संविधान देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए आवश्यक है। संविधान देश के विकास और प्रगति के लिए आवश्यक है, क्योंकि यह सरकार को नीतियों भी और कार्यक्रमों को लागू करने के लिए एक ढांचा प्रदान करता है। इसलिए यह ज़रूरी है कि आज देश का हर नागरिक भी खुद को संवैधानिक मूल्यों के साथ जोड़ कर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहते हुए अपने कर्तव्यों का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करे।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से ही भारत दुनिया में एक बड़ी ताकत के तौर पर अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहा है। इसका श्रेय हमारे उन राजनेताओं, कर्मठ किसान-मजदूरों, कारीगरों तथा वैज्ञानिकों को जाता है जिन्होंने दिन-रात एक करके इस देश को विकास की गति प्रदान की। आज हमारा देश प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में चहुंमुखी प्रगति कर रहा है। आज देश ने मिसाइल ही नहीं बनाई, बल्कि चन्द्रयान, सूर्ययान और मंगलयान जैसे मिशन भी सफलतापूर्वक संचालित किए हैं। भारत चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव ध्रुव पर चंद्रयान 3 उतारने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। देश की प्रगति के इस सफर में हरियाणा का भी महत्वपूर्ण योगदान है। मुझे यह कहते हुए गर्व है कि हरियाणा ने भी प्रदेश के सामाजिक-आर्थिक विकास को नए आयाम प्रदान किए।
उन्होंने कहा कि सुशासन से सेवा के संकल्प के साथ जनसेवा का दायित्व संभालने वाली वर्तमान सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के “सबका साथ-सबका विकास” और “हरियाणा एक हरियाणवी एक “के मूलमंत्र पर चलते हुए समस्त हरियाणा और प्रत्येक हरियाणवी की तरक्की और उत्थान की दिशा में निरंतर कार्य किया है। हमारा प्रदेश हरियाणा सद्भाव, सौहार्द, समान विकास, समरसता के साथ-साथ उन बदलावों का साक्षी रहा है, जिससे हर आदमी का जीवन सरल, सुगम और सुरक्षित हुआ है। हमने जनसेवा और जनता के बीच दीवार बन चुकी व्यवस्था को न केवल बदलने का काम किया है, बल्कि ऐसी व्यवस्था देने का प्रयास किया है, जिसमें जनजन को योजनाओं और सेवाओं का लाभ सरल तरीके से प्राप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी से लेकर लम्बे समय तक गरीब कल्याण की बातें तो की जाती रही, लेकिन उनका लाभ पात्र व्यक्ति तक से नहीं पहुंच पाया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय के दर्शन के अनुरूप प्रदेश के सभी परिवारों का पहचान पत्र बनाया गया, जिससे पात्र परिवारों को घर बैठे ही सरकारी योजनाओं का लाभ देना सुनिश्चित किया गया है। बेटी की शादी का 71 हजार रुपए शगुन, बुजुर्ग, विधवा व दिव्यांगों की 3200 रुपये की मासिक पेंशन, बी.पी.एल. कार्ड, चिरायु कार्ड का लाभ, किसानों को उनकी फसल का भुगतान कम्प्यूटर की एक क्लिक से सीधे लाभपात्रों के खाते में पहुंच रहा है। किडनी रोग से पीड़ित रोगियों को सभी सरकारी अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों में निशुल्क डायलिसिस की सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। आयुष्मान भारत चिरायु योजना के तहत 70 साल से अधिक बुजुर्गों को 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य लाभ दिया जा रहा है। गरीब परिवारों के लिए आवागमन की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए हैप्पी योजना शुरू की है ।
उन्होंने कहा कि हर गरीब को राशन मिलने में परेशानी न हो, इसके लिए राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया गया है। गरीब परिवारों के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने का सपना साकार करने के लिए चिराग योजना चलाई गई है। यही नहीं, कौशल रोजगार निगम के माध्यम से कर्मचारियों की भर्ती में भी गरीब परिवारों के युवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा निगम के माध्यम से लगे कर्मचारियों की नौकरियां सुरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कृषि, उद्योग, व्यापार, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र में ई-गवर्नेंस के माध्यम से क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। जिस प्रकार, परिवार पहचान पत्र के डेटा से विभिन्न योजनाओं का लाभ लोगों को घर बैठे मिल रहा है। उसी प्रकार, कृषि क्षेत्र में मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल बनाकर किसान कल्याण की अनेक योजनाओं को इससे जोड़ा गया है। एमएमपी पर सभी 24 फसलों की खरीद कर बिक्री की राशि सीधे 48 घण्टे में किसानों के खाते में भेजी जा रही है। किसानों को 415 रुपए प्रति क्विंटल तक गन्ने का भाव दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री किसान खेतीहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना के तहत 5 लाख रुपए तक की राशि प्रदान की जा रही है। इसके अलावा फसल खराबे का मुआवजा, भावांतर भरपाई की राशि, मेरा पानी- मेरी विरासत, धान की सीधे ही बिजाई की प्रोत्साहन राशि आदि इस पोर्टल के माध्यम से किसान के खाते में भेजी जाती है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रदेश के 20.17 लाख किसानों को 21 किस्तों में 7234 करोड़ रुपए प्रदान किए जा चुके है। देशी गाय की नस्लों के सुधार एवं विकास के लिए गोकुल ग्राम की स्थापना की गई है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढावा देने के लिए प्राकृतिक खेती क्षेत्र का दायरा बढ़ाकर एक लाख एकड़ करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हरियाणा देश का पहला राज्य है जहां फलों एवं सब्जियों की पूरी आपूर्ति श्रृंखला तैयार की जा रही है। बागवानी फसलों को मौसम की मार से बचाने के लिए मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना शुरू करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। ग्रामीणों की आय का पशुपालन एक प्रमुख साधन है। पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की है। उन्होंने कहा कि कृषि भूमि पट्टा एक्ट लागू करके पट्टेदार किसानों और भू- मालिकों के बीच विश्वास बहाल किया है। इससे शामलात भूमि पर 20 वर्षों से काबिज पट्टेदारों को उनका मालिकाना हक दिलाने का काम किया है। पंचायती भूमि पर बने 500 वर्ग गज तक के मकानों पर काबिज लोगों को भी मालिकाना हक दिलवाया गया है। निर्माण कर्मकारों व दैनिक मजदूरों के लिए 54 रियायती भोजन कैंटीन व 71 मोबाइल फूड वैन के माध्यम से 10 रुपए में भरपेट भोजन उपलब्ध करवाया जाता है। उद्योग अर्थव्यवस्था का मूल आधार हैं। हमने हरियाणा के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का एक इको सिस्टम तैयार किया है। प्रमाण पत्र, लाइसेंस और अनुमति देने में अड़चन पैदा करने वाले अनेक नियमों और प्रक्रियाओं को खत्म कर एक ही छत के नीचे उद्योगपतियों को लाभ देने का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में उच्चतर शिक्षा की सुविधा प्रदान करने के लिए सरकार ने 20 किलोमीटर के दायरे में एक कॉलेज स्थापित किया है। प्रदेश में अब तक 81 नए कॉलेज खोले गए हैं। इनमें से 31 केवल लड़कियों के लिए हैं। सुपर 100 कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को विशेषज्ञ संस्थाओं के माध्यम से एनडीए तथा एसएसबी की तैयारी करवाई जाती है। महिलाओं के लिए लाडो लक्ष्मी योजना क्रियान्वित की गई है। अब तक तीन किस्तों में 8.63 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में 441 करोड़ रुपए की राशि भेजी गई है। छोटे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्री स्कूल शिक्षा प्रदान करने के लिए 4000 आंगनवाडी केन्द्रों को प्ले वे स्कूलों में अपग्रेड किया गया है तथा बच्चों को कुपोषण से निजात दिलाने के लिए पौष्टिक आहार दिया जा रहा है। सरकार ने 50 प्रतिशत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर के पदों पर पदोन्नति करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही राजस्व विभाग द्वारा प्रदेश की सभी तहसीलों में ऑनलाइन रजिस्ट्री और फसल डिजिटल सर्वेक्षण प्रक्रिया शुरू की गई है। ये किसान सीधे पीएम किसान योजना व अन्य सब्सिडी वाले लाभों से जुड़े हुए है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन ग्रामीण योजना को नए रूप में क्रियान्वित किया गया है। अब ग्रामीणों को 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार मिलेगा। यह बहुत ही कारगर महत्वाकांक्षी योजना है। इसमें प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। हर माह 3200 रुपए वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन प्रदान करने का निर्णय लिया है। गिरते लिंगानुपात को रोकने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढाओ कार्यक्रम चलाया गया जिसके सार्थक परिणाम आने लगे है। प्रदेश में वर्ष 2014 में लिंगानुपात 871 था जो बढ़कर वर्ष 2025 में 923 हो गया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए हर जिले में वन स्टॉप सेंटर सखी संचालित किए जा रहे है। इसके तहत अब तक 55 हजार 984 महिलाओं को लाभान्वित किया गया है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 1.14 लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है। अब तक 2873 रोजगार मेलों का आयोजन कर एक लाख 15 हजार से अधिक युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलवाया गया। वर्तमान में लगभग 400 सरकारी सेवाओं, योजनाओं तथा सब्सिडी को परिवार पहचान पत्र से जोडकर लगभग 60 लाख परिवारों को लाभ दिया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में सड़कों का सुधार और नई सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। आज प्रदेश का हर जिला नेशनल हाईवे से जुड़ गया है। इतना ही नहीं, 72 किलोमीटर लंबा ईस्टर्न डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर तथा 506 किलोमीटर लंबा वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर हरियाणा से होकर गुजरा है, जिसका हरियाणा को बहुत बड़ा लाभ मिल रहा है। केएमपी के साथ-साथ हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर भी बनाया जा रहा है और दिल्ली के सराय काले खां से करनाल तक आरआरटीएस रेल लाइन भी स्थापित की जा रही है। इन सब परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश की जनता को बहुत लाभ होगा।
ये रहे उपस्थित
गणतंत्र दिवस समारोह में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक करनाल रेंज माटा रवि किरण, पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र बिजारनिया, अतिरिक्त उपायुक्त योगेश कुमार मेहता, एसडीएम प्रदीप कुमार, सीटीएम मोनिका शर्मा, एमडी शुगर मिल अदिति, डीआईपीआरओ सत्यवान महिवाल, डीईओ रोहताश वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहें।
