ज्ञान सेतु पहल के तहत कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय भी हुआ शामिल
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने देश की शिक्षा व्यवस्था को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने की स्पष्ट रूपरेखा दी है। किसी भी नीति की सफलता उसके समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। इसी उद्देश्य से नीव पोर्टल को विकसित किया गया है। यह एक इंटेलिजेंट, डेटा-ड्रिवन डिसीजन सपोर्ट सिस्टम है, जो नीति निर्माण और संस्थागत क्रियान्वयन के बीच की दूरी को समाप्त करेगा।
एमओयू एक्सचेंज कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार उपस्थित रहे और उन्होंने विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने इस पहल पर बधाई देते हुए कहा कि ज्ञान सेतु पहल और नीव पोर्टल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने देश में सबसे पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को सभी मानकों के साथ लागू किया है और विश्वविद्यालय नैक द्वारा ए-प्लस-प्लस ग्रेड प्राप्त संस्थान है।
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि एसजेएचआईएफएम के साथ यह समझौता विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों और छात्रों को शासन, नीति निर्माण और सामाजिक विकास से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर कार्य करने का अवसर प्रदान करेगा। इससे शोध की गुणवत्ता में वृद्धि होगी और छात्र प्रशासनिक प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध, नवाचार और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा।
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ज्ञान सेतु पहल का उद्देश्य
ज्ञान सेतु पहल के तहत स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के बीच हुए समझौतों का उद्देश्य अकादमिक ज्ञान को वास्तविक प्रशासनिक और सामाजिक चुनौतियों से जोड़ना है। इससे शोध को व्यवहारिक स्वरूप मिलेगा और छात्रों को इंटर्नशिप व फील्ड इंगेजमेंट के अवसर प्राप्त होंगे।
