सेवा से संस्कार, संस्कार से सशक्त भारत : डॉ. चौहान
भादसों/इंद्री/करनाल, 9 जनवरी : राष्ट्रीय सेवा योजना केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण की प्रयोगशाला है। राष्ट्रीय सेवा आयोग के विद्यार्थियों में सेवा, सहयोग, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करती है। यह बात हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने की। वे राष्ट्रीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भादसों में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा आयोग शिविर को संबोधित कर रहे थे। विद्यालय की प्रिंसिपल वंदना तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला समन्वयक सूबा सिंह ने मुख्य अतिथि को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका हार्दिक स्वागत किया।
डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि समाज की वास्तविक समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए आगे आना ही सच्ची शिक्षा है। युवाओं को चाहिए कि वे अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों के लिए कार्य करें और “मैं नहीं, आप” के मंत्र को अपने जीवन में उतारें। जब युवा समाज के लिए सोचने लगते हैं, तभी देश सशक्त और आत्मनिर्भर बनता है।
डॉ. चौहान ने युवाओं को नशा, आलस्य और नकारात्मक सोच जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की सीख दी। उन्होंने कहा कि आज का युवा अगर सही दिशा में अपनी ऊर्जा लगाए तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण अत्यंत आवश्यक है। अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच से ही व्यक्ति, समाज और राष्ट्र प्रगति करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे मोबाइल और दिखावे की दुनिया से निकलकर वास्तविक जीवन में कुछ सार्थक करने का संकल्प लें।
निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि सरकार द्वारा लड़कियों की पढ़ाई, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए अनेक योजनाएं और सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अब जिम्मेदारी बेटियों की है कि वे इन अवसरों का पूरा लाभ उठाएं और आगे बढ़कर कुछ बनकर दिखाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षित बेटी केवल अपने परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और देश को मजबूत बनाती है। आज जरूरत है कि बेटियां आत्मविश्वास के साथ आगे आएं, अपने सपनों को पहचानें और सफलता की नई मिसाल कायम करें।
इस अवसर पर पुष्पा देवी जिला अधिकारी, राष्ट्रीय सेवा आयोग, पवन कबीरपंथी, ब्लॉक पार्षद, भादसों-इंद्री, बिट्टू रंगा ब्लॉक पार्षद, गढ़ी साधान-इंद्री, गुरनाम सरपंच, सतबीर कबीरपंथी, राजेश कबीरपंथी, रमन गेंदा, जतिन तालेवर अहेरिया, रविंद्र अहेरिया, जय भगवान भट्टी, रवि भट्टी, धर्मपाल कश्यप, रत्न प्रजापत, राजबीर कबीरपंथी, अमरजीत मास्टर, राजेश मास्टर, कूड़ा राम चौकीदार, आशीष सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
