प्रॉपर्टी आई.डी. त्रुटि दुरूस्त करवाने के लिए एनडीसी पोर्टल पर ऑनलाईन आपत्ति करवाएं दर्ज, ऑफलाईन नहीं होगी मान्य।
करनाल 2 जनवरी,
             बकाया सम्पत्ति कर वसूली को लेकर नगर निगम करनाल ने सख्ताई कर दी है। इसे लेकर दिसंबर माह में 115 बकायादारों को अंतिम नोटिस जारी किए जा चुके हैं। यह बकायादार जल्द से जल्द सम्पत्ति कर अदा कर दें। चालू माह जनवरी में ही प्रॉपर्टी अटैचमेंट की कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने दी।
उन्होंने बताया कि  उपरोक्त सभी बकायादार निजी वाणिज्यिक सम्पत्तियां हैं। इनमें से करीब 50 ऐसे बकायादार हैं, जिन पर 10 लाख से ऊपर का बकाया है तथा शेष 50 हजार से 10 लाख रुपये तक के हैं। अगर यह नोटिस जारी करने के 30 दिनों के भीतर सम्पत्ति कर अदा नहीं करते, तो इनकी सम्पत्तियों को अटैचमेंट करने की कार्रवाई तुरंत प्रभाव से की जाएगी।
उन्होंने बताया कि 10 लाख से ऊपर के बकाया वाले सम्पत्ति धारक शहर के विभिन्न क्षेत्रों से हैं, जबकि शेष सैनी कॉलोनी, सेक्टर-13 एक्सटेंशन, सेक्टर-37 व सेक्टर-9 से हैं।
दिसंबर में 2 बार की गई अटैचमेंट कार्रवाई- उन्होंने बताया कि नगर निगम के प्रवर्तन दल द्वारा दिसंबर माह में 2 बार अटैचमेंट की कार्रवाई करते हुए बकायादारों की सम्पत्तियों को सील किया गया है। इससे पहले 5 बार अटैचमेंट की कार्रवाई की गई है। इसलिए बकायादार नगर निगम के नोटिस को हल्के में न लें। बकाया सम्पत्ति कर का भुगतान न करने पर सीलिंग की कार्रवाई अवश्य की जाएगी।
18 प्रतिशत लगेगा ब्याज- उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में अगर कोई सम्पत्ति धारक प्रॉपर्टी टैक्स नगर निगम के खजाने में जमा नहीं करवाता, तो उसके सम्पत्ति कर पर 18 प्रतिशत का ब्याज लगाया जाएगा। इसलिए बकायादार सम्पत्ति कर जमा करवाने में देरी न करें। सम्पत्ति कर भरने के लिए नागरिक एनडीसी पोर्टल property.ulbharyana.gov.in पर जाकर भी इसे भर सकते हैं।
ऑनलाईन आपत्ति करवाएं दर्ज- उन्होंने नागरिकों से अपील करते कहा कि प्रॉपर्टी आई.डी. त्रुटि को दुरूस्त करवाने के लिए वह एनडीसी पोर्टल property.ulbharyana.gov.in पर ही आपत्ति दर्ज करवाएं। ऑफलाईन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
20.35 करोड़ रुपये हुए जमा- उन्होंने बताया कि नगर निगम कार्यालय में वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक करीब 20 करोड़ 35 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स व फायर टैक्स जमा हुआ है। इसमें 19 करोड़ 13 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स तथा 1 करोड़ 22 लाख रुपये फायर टैक्स है।

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