चेयरमैन सुरेश सैनी बोले नायब सैनी सरकार की योजनाओं से सशक्त हो रहा किसान वर्ग
कुरुक्षेत्र, 26 दिसंबर। मार्किट कमेटी थानेसर की मासिक बैठक आज चेयरमैन सुरेश सैनी कुकू की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में कमेटी सदस्यों ने विभिन्न विकासात्मक विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। बैठक की शुरुआत में सब-यार्ड अमीन मंडी में आढ़तियों की मांग पर कच्ची जगह को पक्का करवाने, नई सब्जी मंडी थानेसर में कैंटीन के पास खाली पड़ी भूमि को पक्का करने तथा बड़ी व सब्जी मंडी में दुकान नंबर 1 से 323 के पीछे खाली पड़ी जगह पर ब्लॉक लगवाने जैसे प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
इसके अतिरिक्त सब्जी मंडी एवं अनाज मंडी के गेटों पर निर्माण कार्य, अनाज मंडी व सब्जी मंडी में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा के लिए एक कमेटी गठित करने, अनाज मंडी के दोनों गेटों के चेक पोस्ट के पास 20 पत्थर की बेंच लगवाने, अनाज मंडी की सडक़ों का आरसीसी निर्माण करवाने, कुछ दुकानों की मल्कीयत परिवर्तन से जुड़े मामलों तथा अनाज मंडी के गेट से लेकर तोल कांटे तक बड़े पत्थर लगवाने संबंधी प्रस्तावों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने सभी प्रस्तावों पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई।
बैठक के दौरान सुरेश सैनी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार मंडियों के आधुनिकीकरण और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच के कारण मंडी परिसरों में आधारभूत ढांचे का सुदृढ़ीकरण हो रहा है, जिससे किसानों, आढ़तियों और व्यापारियों को सुचारू व्यवस्था का लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा फसलों की समय पर खरीद, पारदर्शी भुगतान व्यवस्था, मंडियों में सुविधाओं का विस्तार, सडक़ों व शेड जैसे विकास कार्य तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए लागू की गई योजनाएं सराहनीय हैं। इन नीतियों से किसान सशक्त हो रहे हैं और प्रदेश का कृषि क्षेत्र निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है।
सुरेश सैनी ने कहा कि नायब सरकार द्वारा किसानों के लाभ के लिए लागू की गई नई योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। सरकार ने ‘एकमुष्ट निपटान योजना’ के तहत ऐसे किसानों के लिए ब्याज माफ करने का निर्णय लिया है जो प्राथमिक कृषि ऋण संस्थाओं से लिए गए कर्ज के मूलधन का निपटान करते हैं, जिससे लगभग 6.8 लाख किसानों को लाभ मिलने का अनुमान है।
उन्होंने कहा कि सरकार मेरा फसल, मेरा ब्यौरा पोर्टल के माध्यम से पारदर्शिता और योजनाओं के बेहतर लाभ सुनिश्चित कर रही है, साथ ही कृषि में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘मेरा पानी मेरी विरासत’, ट्रैक्टर, बीज और पानी-सक्षम फसलों पर सब्सिडी जैसी कई पहलों को भी लागू किया जा रहा है। इसके साथ-साथ सरकार बागवानी, फलों, फूलों और मसालों की खेती के लिए विशेष सब्सिडी कार्यक्रम चला रही है, जिससे किसान कृषि विविधीकरण के माध्यम से अपनी आय बढ़ा सकें।
