नियोक्ताओं के लिए सुनहरा अवसर: बिना पेनल्टी के करा सकते हैं पंजीकरण
करनाल, 8 दिसंबर। कर्मचारी राज्य बीमा निगम के सहायक निदेशक हरमिंदर पाल ने बताया कि एसपीआरईई 2025 योजना उन नियोक्ताओं और कर्मचारियों के लिए है जो अभी तक ईएसआईसी अधिनियम के तहत पंजीकृत नहीं है। उन्हें पंजीकरण की प्रक्रिया में शामिल होकर इसका लाभ उठाना चाहिए। यदि नियोक्ता इस योजना के दौरान ईएसआईसी अधिनियम के तहत पंजीकरण नहीं करते हैं तो उसके कई नकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं। कानूनी कार्रवाई और आर्थिक नुकसान, ईएसआईसी पुराने समय से देय सभी अंशदान वसूल कर सकता है, इसके साथ ब्याज और पेनल्टी भी वसूली की जा सकती है। यह योजना 31 दिसंबर तक है।
उन्होंने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य है कि 10 या अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठान, जो अभी तक ई.एस.आई.सी. के अंतर्गत अपंजीकृत थे, वे प्रतिष्ठान स्वैच्छिक रूप से बिना भय के या पिछली अवधि के लिए कोई बकाया जमा किए बिना ईएसआई योजना में शामिल हो सकेंं। इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत कर्मचारियों व उनके आश्रितों को ई.एस.आई.सी. की चिकित्सा, बीमारी, मातृत्व, अपंगता एवं आश्रित लाभ जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा। योजना के तहत नियोक्ता और कर्मचारी बिना किसी डर या पेनल्टी के इएसआईसी में पंजीकरण कर सकते हैं। चाहे वे ठेके पर काम करने वाले हों, अस्थायी या छोटे प्रतिष्ठान में काम करने वाले हों।
एसपीआरईई 2025 के लाभ
सहायक निदेशक हरमिंदर पाल ने बताया कि अब नियोक्ता ईएसआईसी पोर्टल, श्रम सुविधा पोर्टल या एमसीए पोर्टल के जरिए पंजीकरण कर सकते हैं, जो तिथि नियोक्ता बताएगा, उसी से पंजीकरण मान्य होगा, पहले की अवधि के लिए कोई जांच या बकाया जमा नहीं करवाना होगा, कोई जुर्माना या कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। संयुक्त निदेशक (प्रभारी) हरिओम प्रकाश ने सभी सामाजिक सुरक्षा अधिकारियों एवं शाखा प्रबंधकों को निर्देश दिए हैं कि वे इस योजना को हर फैक्ट्री, दुकान और प्रतिष्ठान तक पहुंचाएं और नियोक्ताओं तथा कर्मचारियों की पूरी मदद करें। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि कोई भी श्रमिक ईएसआईसी के लाभ से वंचित न रहें। इसके जरिए श्रमिकों को निशुल्क इलाज, नकद लाभ, मातृत्व लाभ, बेरोजगारी सहायता जैसे कई फायदे मिलेंगे। ईएसआईसी सभी नियोक्ताओं और कर्मचारियों से अनुरोध करता है कि वे इस योजना का पूरा लाभ उठाएं और समय पर पंजीकरण करवाएं।
योजना के तहत संस्थान, विभिन्न कारखानों के ठेकेदार, होटल, रेस्टोरेंट, अस्पताल/नर्सिंग होम, शैक्षणिक संस्थान, राइस मिल, कोल्ड स्टोरेज, गैस एजेंसीज, पेट्रोल पंप, ईंट भ_ा, पोल्ट्री फार्म, रेलवे के ठेकेदार एवं सभी सरकारी कार्यालयों के ठेकेदार स्वयं को तथा अपने श्रमिकों/कर्मचारियों का सीधा पंजीकरण करवा सकते हैं। पंजीकरण के साथ ही कर्मचारी का ईएसआई कार्ड बना दिया जाता है। इस समय उप क्षेत्रीय कार्यालय, करनाल में लगभग चार लाख ईएसआई कार्डधारक हैं। कार्ड बनाए जाने पर कर्मचारी के वेतन 0.75 प्रतिशत और नियोक्ता का 3.25 प्रतिशत अंशदान ईएसआईसी के खाते में जमा होता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थान पंजीकरण के लिए आगे आए, जो होटल, रेस्टोरेंट, अस्पताल/नर्सिंग होम, शैक्षणिक संस्थान, राइस मिल, कोल्ड स्टोरेज, गैस एजेंसीज, पेट्रोल पंप, ईंट भ_ा, पोल्ट्री फार्म, रेलवे के ठेकेदार एवं सभी सरकारी कार्यालयों के ठेकेदार जिनके द्वारा अभी तक कर्मचारी राज्य बीमा निगम में पंजीकरण नहीं करवाया गया है । नव वर्ष 2026 में सर्वे/औचक निरिक्षण के दौरान अगर ऐेसे संस्थान पंजीकृत नहीं पाए गए तो उनके विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।
