राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा हासिल किए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी) अपने 62 साल के कार्यकाल में पहली बार 20 दिसंबर को वार्षिक ग्लोबल एलुमनी दिवस का आयोजन करेगा। इसमें विश्वभर में नामचीन कपंनियों से जुड़े 500 के करीब पूर्व विद्यार्थियों के पहुंचने का अनुमान है। इनमें कइयों ने खुद की बड़ी कंपनियां खड़ी कर रखी हैं तो कुछ नामचीन कंपनियों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं व आइएएस और आइपीएस बनकर सेवाएं दे रहे हैं।आइएएस विजय मोहन बंसल, आइएएस अंकुर गुप्ता, आइएएस अमरनाथ, पंजाब के पूर्व डीजीपी ईश्वर सिंह, सेवानिवृत्त इंजीनियर इन चीफ विजय गुप्ता समेत कई पूर्व छात्रों ने आने की हामी भरी है।
प्रो. बीवी रमना रेड्डी, निदेशक, एनआइटी ने बताया कि एनआइटी के इतिहास पहली बार ऐसा आयोजन किया जाएगा। इसको भव्य बनाने के लिए कमेटियां गठित कर दी गई हैं। एनआइटी से अभी तक 40 हजार विद्यार्थी पासआउट हुए हैं। इनमें 15 हजार विद्यार्थियों को एलुमनी एसोसिएशन से जोड़ दिया गया है, बकाया 25 हजार को भी जोड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
छात्र कल्याण अधिष्ठाता, डॉ. प्रतिभा अग्रवाल ने कहा कि पूर्व छात्रों और वर्तमान छात्रों के बीच संवाद से छात्रों के आत्मविश्वास, करियर मार्गदर्शन और व्यावसायिक अनुभव में वृद्धि होगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों का आगमन नई पीढ़ी को उच्च लक्ष्यों को निर्धारित करने और उन्हें समर्पण के साथ प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगा।
एनआइटी पूर्व छात्र कल्याण अधिष्ठाता, मैकेनिकल इंजीनियरिंग एवं रोबोटिक्स एंड मैकेनिकल विभाग के अध्यक्ष और एलुमनी अफेयर के एसोसिएट डीन प्रो. दीक्षित गर्ग ने बताया कि यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए फायदेमंद रहेगा। नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्रों के अनुभव और उद्योग जगत से उनके जुड़ाव का लाभ वर्तमान विद्यार्थियों को सीधे तौर पर मिलेगा।
एनआईटी कुरुक्षेत्र के एंडोमेंट बोर्ड सदस्य एवं एग्जीक्यूटिव बॉडी सदस्य पूर्व छात्र जैसे डॉ. रॉजर कुमार, डॉ. प्रदीप मलाह, मनोरमा, एवं अंकुर जैन इस एलुमनी डे को बड़ी सफलता बनाने में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। डॉ. रॉजर कुमार ने कहा कि यह कार्यक्रम पूर्व छात्रों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों को एक ही मंच पर लाने के बड़े कार्यक्रम का हिस्सा है। कई ऐसे प्रयास पहले से ही योजना में हैं, जैसे ई-मैगज़ीन, एलुमनी एवं छात्रों का संयुक्त पोर्टल, वर्तमान छात्रों के लिए एलुमनी मेंटरिंग तथा वर्तमान छात्रों के लिए एलुमनी द्वारा तकनीकी सत्र। ये पहलें छात्रों को उद्योग के लिए तैयार करेंगी, जिससे भारत को एक देश के रूप में बेहतर प्रतिभा प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
एनआइटी से अभी तक 40 हजार विद्यार्थी पढ़ाई पूरी कर चुके । हैं। इस आयोजन का उद्देश्य विश्व भर में फैले अपने पूर्व छात्रों को संस्थान से जोड़कर उनके अनुभव को एनआइटी में पढ़ रहे छह हजार से अधिक विद्यार्थियों तक पहुँचाना है। इससे पहले अभी तक एनआईटी मैं बैच अनुसार एलुमनी मीट आयोजित होती रही है। यह पहली बार है की सभी बैच के लिए एक ग्लोबल एलुमनी दिवस मनाकर सभी पूर्व विद्यार्थियों को इसमें आमंत्रित किया गया है। गौरतलब है की हरियाणा बनने से पहले ही 1963 मैं क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेज मैं प्रदेश के साथ-साथ देश भर के विद्यार्थी पढाई करने आते थे। कालेज के रुतबे को देखते हुए उन दिनों में भी यहां के पासआउट विद्यार्थियों की अच्छी प्लेसमेंट रहती थी। इसे देखते हुए जून 2002 में इसे राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संसथान बनाया गया। दो वर्ष पहले तक एनआइटी में सात पाठ्यक्रम में बीटेक करवाई जा रही थी, दो वर्ष से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत आठ नए प्रोग्राम में 15 कोर्स में करवाए जा रहे हैं। इनमें 6250 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं, जिनमें 50 विदेशी विद्यार्थी हैं।
