स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखाया अपना टैलेंट
पिहोवा 30 नवम्बर – युद्घ के बीच में शांति का संदेश देते हुए श्रीकृष्ण जी ने अर्जुन को जो पाठ पढ़ाया, उसका अनुसरण आज के हर युवा को जरूर करना चाहिए। गीता का ज्ञान प्रत्येक मनुष्य को उनके लक्ष्य के प्रति समर्पण सिखाता है तथा तीव्र बुद्घि व विवेक का इस्तेमाल करते हुए किस प्रकार हम विजय हासिल कर सकते हैं, यह ज्ञान केवल गीता में ही पाया जाता है। महान ग्रंथ गीता का उपदेश आज की युवा पीढ़ी के लिए बेहद आवश्यक है। नगरपालिका चेयरमैन आशीष चक्रपाणि राज्यस्तरीय गीता जयंती समारोह के दूसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि आए हुए लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर जिलास्तरीय गीता जयंती समारोह के दूसरे दिन के सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
नगरपालिका चेयरमैन आशीष चक्रपाणि ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने इस पावन धरा पर गीता का जो संदेश दिया था, उस पर अमल करते हुए आज मानव अपना जीवन व्यतीत कर रहा है। निष्फल कार्य करने की इस प्रथा को आगे आने वाली पीढ़ी भी कायम रखे, इसके लिए ऐसे महोत्सवों का समय-समय पर आयोजन करना अति आवश्यक है। युवा पीढ़ी हमारे देश का भविष्य हैं। भविष्य तभी सुरक्षित रहेगा, जब उनका वर्तमान सकारात्मक होगा और सकारात्मक विचारों तथा कार्यों के लिए उन्हें धर्मग्रंथ गीता का ज्ञान होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि हम निरंतर गीता का अनुसरण करेंगे, तो निश्चित ही हमारे जीवन में परेशानियों का सामना करने का हौसला तथा उनका हल मिलता रहेगा। गीता महोत्सव का आयोजन सौभाग्य की बात रहती है। गीता महोत्सव का आयोजन करना श्रीकृष्ण जी द्वारा दिए गए गीता के उपदेशों को जन-जन तक गायन व नाटय के माध्यम से पंहुचाना होता है। गीता महोत्सव में विभिन्न राज्यों की संस्कृति को लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया जाता है।
उन्होंने कहा कि गीता जयंती समारोह का स्तर बढ़ता जा रहा है। सभी तीर्थ स्थानों पर इस समारोह का आयोजन किया जाता है। यह न केवल कुरुक्षेत्र जिले तक सीमित है, बल्कि इसका प्रसार जींद, करनाल, कैथल, पानीपत सहित कई जिलों में फैल चुका है। इसके अतिरिक्त विश्व के कई देशों में भी गीता जयंती को मनाया जा रहा है। उन्होंने सभी नगरवासियों, पार्षदों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों, विभिन्न स्कूलों के अध्यापकों तथा विद्यार्थियों, विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों, सम्मानित पत्रकारों व छायाकार बंधुओं को गीता जयंती महोत्सव के आयोजन पर बधाई दी तथा कार्यक्रम स्थल पर पंहुचने पर सभी का अभिनंदन किया। इस मौके पर मंच का संचालन उमाकांत शास्त्री ने किया। समारोह में नगरपालिका सचिव अशोक कुमार, बीईओ रामराज, नायब तहसीलदार सागर मल, विकास चोपड़ा, रविकांत, दलजीत, विजयदीप, विक्की वर्मा, योगेश, हेमंत धवन, गगन टांक, प्रिंस गर्ग सहित सभी विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
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पेंटिंग प्रतियोगिता में कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय पिहोवा की आरती रहीं प्रथम, विभिन्न स्कूली बच्चों तथा लोक कलाकारों ने प्रस्तुत किए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम
जिलास्तरीय गीता जयंती समारोह के दूसरे दिन विभिन्न स्कूलों द्वारा पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय पिहोवा की आरती प्रथम, अक्षरा इंटरनेशनल स्कूल की सुखलीन कौर द्वितीय तथा बाबा श्रवण नाथ स्कूल के राज मिश्रा ने तृतीय स्थान हासिल किया। गीता जयंती समारोह में विद्यार्थियों द्वारा उपमंडल पिहोवा में बेहद रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस मौके पर गीता मॉडल स्कूल द्वारा सरस्वती वंदना, एसडीएसएन स्कूल द्वारा श£ोकोच्चारण व राधाकृष्ण आधारित नृत्य, बीएसएन स्कूल द्वारा हरियाणवी नृत्य, एजीएस स्कूल द्वारा योगा तथा अक्षरा इंटरनेशनल स्कूल द्वारा राजस्थानी नृत्य की प्रस्तुति दी गई। इसके अतिरिक्त बशीर अहमद ग्रुप द्वारा दमाली नृत्य तथा जोरा सिंह एंड पार्टी द्वारा बाजीगर करतब दिखाए गए।

जिला स्तरीय गीता महोत्सव पर लेकर पहुंचे कृषि विभाग के अधिकारी विभिन्न प्रकार की योजनाओं कि प्रदर्शिनी
पिहोवा 30 नवंबर – अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 के अंतर्गत हरियाणा सरकार द्वारा जिला स्तर पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विभिन्न विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित स्टाल भी लगाए गए, जोकि आमजन को योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं। इसी कड़ी में कृषि विभाग पिहोवा द्वारा भी स्टाल लगाया गया। कृषि विभाग के अधिकारी डॉ. मनीष वत्स ने बताया कि कृषि कल्याण विभाग प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर किसानों को अन्य प्रकार की योजना परियोजना का लाभ प्रदान करते हैं। पराली प्रबंधन सहित कई योजनाओं के बारे में लोगों को बताया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फसल अवशेषों को बेल गाठ बनाकर प्रबंधन करने पर सरकार द्वारा 1200 प्रति एकड़ का प्रोत्साहन दिया जा रहा। फसल अवशेषों का सदुपयोग कर भूमि की उर्वरा शक्ति व जैविक कार्बन में बढ़ोतरी कर सकते हैं। इस के अतिरिक्त प्रकृति खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किसानों को चार ड्रम खरीद करने पर 3500 सब्सिडी व 30 हजार रुपए देसी गाय के खरीदने के लिए दिये जाते हैं।

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