सरस्वती वंदना से हुआ जिलास्तरीय गीता जयंती समारोह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उदघाटन, हवन यज्ञ में डाली मुख्यातिथि सहित गणमान्य व्यक्तियों ने श्रद्घा की आहुति, लोक कलाकारों ने अपने प्रदर्शन से किया दर्शकों को मंत्रमुग्ध, स्कूली बच्चों को उनकी प्रतिभा के लिए पुरस्कृत कर बढ़ाया उनका हौसला, भारी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने लगाई गीता जयंती समारोह में रौनक
पिहोवा 29 नवम्बर – महान ग्रंथ गीता धर्मग्रंथ होने के साथ-साथ हमारे जीवन जीने की शैली भी है। हमारे जीवन के प्रत्येक प्रश्र का उत्तर गीता में निहीत है। जीवन के उतार-चढ़ाव में प्रत्येक मनुष्य को गीता धर्मग्रंथ में अपनी समस्याओं के हल मिल जाते हैं। प्रदेश सरकार द्वारा गीता जयंती महोत्सव का आयोजन करवाकर गीता के आदर्शों तथा मूल्यों को लोगों के समक्ष रखने का कार्य किया जाता है। जिला परिषद की चेयरमैन कंवलजीत कौर ने शनिवार को मुख्यातिथि के रूप में जिलास्तरीय गीता जयंती महोत्सव का उदघाटन किया तथा समारोह में आमजन को सम्बोधित किया। उन्होंने माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर जिलास्तरीय गीता जयंती समारोह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उदघाटन किया। इससे पहले हवन यज्ञ में आहुति डाली गई, जिसमें शहर के गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। इस मौके पर मंच का संचालन उमाकांत शास्त्री द्वारा किया गया।
जिला परिषद की चेयरमैन कंवलजीत कौर ने कहा कि आज शनिवार को सरस्वती तीर्थ के तट पर जिलास्तरीय गीता जयंती समारोह का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर उन्होंने उपमंडल प्रशासन को तीन दिवसीय जिलास्तरीय गीता जयंती समारोह के सफल शुभारंभ पर बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के समारोह आमजन को विशेष तौर पर युवाओं को गीता के ज्ञान से रूबरू करवाते हैं। उन्होंने स्कूली बच्चों को उनकी प्रस्तुति की प्रशंसा करके उनका हौसला अफजाही की। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्टï्रीय गीता जयंती महोत्सव ने विश्व में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। इसी प्रकार उपमंडल स्तर पर जिलास्तरीय गीता जयंती समारोह में आमजन काफी रूची दिखा रहे हैं तथा आई हुई भीड़ से ज्ञात होता है कि लोगों के अंदर इस समारोह की भव्यता को लेकर कितना उत्साह है।
उन्होंने कहा कि सूचना, जन सम्पर्क एवं भाष विभाग द्वारा जो प्रदर्शनी लगाई गई है, वह समारोह में आने वाले लोगों के लिए बेहद कारगर सिद्घ हो रही है। लोगों को सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं की महत्वपूर्ण जानकारी मिल रही है। इसके अतिरिक्त विभिन्न संस्थाओं तथा विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी भी लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि जिलास्तरीय गीता जयंती समारोह में लोक कलाकारों द्वारा जो प्रस्तुतियां दी गई, वे बेहद मनमोहक हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा की पावन धरा को गीता की जन्म स्थली के नाम से जाना जाता है। इसलिए आमजन से आशा है कि वे गीता के ज्ञान को संजोकर रखेंगे तथा ऐसे धार्मिक कार्यक्रमों में अपनी भागीदारी सदैव सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर गीता का संदेश दिया था। गीता के इस पावन संदेश का स्मरण रखने के लिए प्रत्येक वर्ष गीता जयंती समारोह का आयोजन किया जाता है। पूरे विश्व में गीता जयंती समारोह एकत्र होकर मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार सभी तीर्थ स्थलों के पुराने वैभव को बनाए रखने के लिए उनका विकास एवं सौंदर्यीकरण कर रही है। जिलास्तरीय गीता जयंती समारोह के आयोजन को लेकर उन्होंने कहा कि हम सभी भाग्यशाली हैं कि हम ऐसे स्थान पर एकत्र हुए हैं जहां पर हमें गीता के संदेश व ज्ञान का स्मरण करवाया जा रहा है। अपनी दिनचर्या में गीता को सम्मिलित करके हम सब अपने जीवन को सुधार सकते हैं क्योंकि गीता में जीवन का सार छिपा है।
समारोह के पहले दिन कैम्ब्रिज वल्र्ड स्कूल के बच्चों द्वारा माँ सरस्वती वंदना, बीएसएन स्कूल द्वारा श£ोका उच्चारण, एजीएस स्कूल द्वारा कृष्ण जी पर नृत्य, सीडी पब्लिक स्कूल रामजी व हनुमान जी पर नृत्य, डीएवी पब्लिक स्कूल द्वारा पंजाबी नृत्य, बीएमएस स्कूल द्वारा हरियाणवी नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियां दी गई। इस मौके पर रंगोली प्रतियोगिता में पहले स्थान पर डीएवी स्कूल, द्वितीय स्थान पर टैगोर बाल निकेतन स्कूल तथा तृतीय स्थान पर गीता मॉडल स्कूल रहे। गीता महोत्सव के दौरान सरस्वती तीर्थ पर विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। इस मौके पर नगरपालिका चेयरमैन आशीष चक्रपाणि, मार्केट कमेटी चेयरमैन तरणदीप सिंह वडैच, उप-प्रधान प्रतिनिधि सुरेंद्र ढींगरा, युधिष्ठिïर बहल, रामधारी शर्मा, सतीश सिंगला, लाडी पाल, सतीश सैनी, नवीन गर्ग, मामराज बैरागी, रघुविंद्र सिंह, जय भगवान बागल, गैरी, हनु चक्रपाणि, नगरपालिका सचिव अशोक कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी रामराज सहित सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा सभी गण्यामान्य लोग उपस्थित थे।
