गांधी मेमोरियल नेशनल कॉलेज, अंबाला छावनी द्वारा सामुदायिक जुड़ाव एवं शैक्षणिक विस्तार की पहल के अंतर्गत गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बेबियाल (को-एजुकेशन) तथा फरुखा खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में वैदिक गणित पर विस्तृत व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया।
इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ कक्षाओं के विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा (आई के एस) से परिचित कराना तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में उपलब्ध भविष्य के कैरियर विकल्पों के बारे में मार्गदर्शन प्रदान करना था। इस संयुक्त सत्र में कुल 42 विद्यार्थियों ने भाग लेकर वैदिक गणित की त्वरित गणना विधियों तथा उनसे जुड़ी तर्कशक्ति का लाभ उठाया।
कॉलेज के प्राध्यापकों ने भारतीय ज्ञान प्रणाली पर प्रेरक एवं सूचनात्मक व्याख्यान प्रस्तुत किया, जिसमें भारत के प्राचीन वैज्ञानिक योगदान, गणितीय नवाचार, खगोलशास्त्र, भौतिक विज्ञान, स्वास्थ्य विज्ञान तथा समग्र ज्ञान प्रणालियों पर विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों को यह बताया गया कि भारतीय ज्ञान प्रणाली आज भी आधुनिक शिक्षा, अनुसंधान एवं राष्ट्र निर्माण में अत्यंत प्रासंगिक है।
इसके उपरांत छात्रों को विज्ञान, वाणिज्य और मानविकी—तीनों धाराओं में उपलब्ध विविध करियर विकल्पों पर विस्तृत जानकारी दी गई। सत्र में इंजीनियरिंग, चिकित्सा विज्ञान, अनुसंधान, खेल विज्ञान, डेटा साइंस, शिक्षण, सिविल सेवाएँ, रक्षा सेवाएँ, सामाजिक विज्ञान, बिजनेस मैनेजमेंट तथा उभरते अंतर्विषयी कार्यक्षेत्रों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल विकास तथा उच्च शिक्षा के महत्व के बारे में भी अवगत कराया गया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या बलविंदर कुमारी ने जी.एम.एन. कॉलेज द्वारा आयोजित इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं। वहीं फरुखा खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य सरदार के. पी. सिंह ने कहा कि इस प्रकार की शैक्षिक गतिविधियां विद्यार्थियों को सही शैक्षणिक एवं करियर दिशा प्रदान करती हैं।
इस अवसर पर जी.एम.एन. कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त ने दोनों विद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिक्षक स्टाफ द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली शिक्षा का एक महत्वपूर्ण अंग है, और वैदिक गणित जैसी पद्धतियाँ विद्यार्थियों की गणनात्मक दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ उनकी तार्किक एवं रचनात्मक सोच को भी मजबूती प्रदान करती हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायी एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वय भौतिकी विभाग के डॉ. एस. के. पांडे, गणित विभाग की डॉ. नियति, डॉ. राजेश कुमार, कंप्यूटर विज्ञान विभाग के डॉ. सुरजीत तथा यशवी शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। उनके सामूहिक प्रयासों से कार्यक्रम उत्साहपूर्ण, प्रभावशाली एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुआ।

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