अम्बाला, 22 नवंबर –
श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में निकाली जा रही शहीदी यात्रा (नगर कीर्तन) आज ऐतिहासिक गुरूद्वारा लखनौर साहिब से शुरू हुई। इससे पहले सिख संगत व अन्य श्रद्धालुओं ने अरदास भी की। इस अवसर पर भाजपा जिलाअध्यक्ष मनदीप राणा, मार्किट कमेटी के चेयरमैन जसविन्द्र उगाड़ा, हरियाणा सिख गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी के कार्यकारी सदस्य गुरतेज सिंह, सदस्य सुखदेव सिंह नन्यौला के साथ-साथ संगत ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का अभिनंदन किया। इससे पहले भाजपा जिलाअध्यक्ष मनदीप राणा व अन्य ने ऐतिहासिक गुरद्वारा लखनौर साहिब में माथा टेका व गुरू का आशीर्वाद भी प्राप्त किया। इस दौरान गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी ने जिलाध्यक्ष को सिरोपा भेटंकर उनका अभिनंदन भी किया।
इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष मनदीप राणा ने बताया कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, शिक्षाओं और सर्वोच्च बलिदान को दर्शाती यह शहीदी यात्रा (नगर कीर्तन) शहरी व ग्रामीण श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रतीक बनी हुई है। सिख संगत के साथ-साथ अन्य श्रद्धालु यात्रा का श्रद्धापूर्वक सम्मान भी कर रहे हैं और गुरू के पवित्र स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद भी प्राप्त कर रहे हैं। यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा की गई सेवा भावना—लंगर वितरण, प्रसाद और पुष्प वर्षा—इस यात्रा को मानवता, त्याग और धार्मिक सौहार्द का प्रेरणादायक प्रतीक बना रही है। यह शहीदी यात्रा (नगर कीर्तन) श्री गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान, धर्म रक्षा और मानव अधिकारों के संदेश को जन-जन तक पहुंचा रही है।
शुक्रवार को यह ऐतिहासिक शहीदी यात्रा (नगर कीर्तन) ऐतिहासिक गुरूद्वारा श्री लखनौर साहिब से शुरू होकर माजरी, गुरूद्वारा श्री मर्दों साहिब, दुराना, शाहपुर, छोडपुर, आदेश अस्पताल, खानपुर, केसरी, साहा नहौनी कालपी अड्डा, मुलाना, दोसडका होते हुए बराड़ा पहुंचेगी जहां पर यात्रा का रात्रि ठरहाव होगा। सभी जगहों पर जहां-जहां से यात्रा गुजरी, वहां पर सिख संगत के साथ-साथ अन्य श्रद्धालुओं ने शहीदी यात्रा का श्रद्धापूर्वक पुष्प वर्षा करके स्वागत कर रहे हैं वहीं माथा टेककर आशीर्वाद भी प्राप्त कर रहे हैं।
इस मौके पर मार्किट कमेटी चेयरमैन जसविन्द्र उगाड़ा, हरियाणा सिख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के कार्यकारी सदस्य गुरतेज सिंह, सदस्य सुखदेव सिंह, मलकीत सिंह, कुलदीप सिंह, कृपाल सिंह, सुखविन्द्र सिंह निहारसी, नरेन्द्र सिंह के साथ-साथ अन्य श्रदालुगण व गणमान्य लोग मौजूद रहे।
