घरौंडा/करनाल, 18 नवम्बर।  उपमंडल अधिकारी (ना0) घरौंडा के न्यायालय में वरिष्ठ नागरिकों से सम्बंधित तीन मामलों की सुनवाई उपमंडल स्तरीय ट्रिब्यूनल कमेटी के चेयरमेन एवं एसडीएम घरौंडा राजेश कुमार सोनी व ट्रिब्यूनल की सदस्य सीमा शर्मा द्वारा की गई जिनमें से दो का मौके पर निपटारा कर दिया गया और एक मामले को आगामी तिथि के लिए लंबित रखा गया।
उन्होंने बताया कि एक केस गांव गोगड़ीपुर से सम्बंधित था जिसमें बुजुर्गों द्वारा शिकायत में लिखा गया था कि उनके बच्चे उनकी देखभाल नहीं करते है तथा घर में आने जाने नहीं देते हंै जिस पर कमेटी द्वारा उनके बच्चों को निर्देश दिए गए कि उनके माता-पिता उनके घर में रहेंगे तथा बच्चे उनकी देखभाल करेंगे। जिस पर उनके बच्चों ने लिखित में आश्वासन दिया कि वह अपने माता-पिता की देखभाल करेंगे। जिस पर उक्त बुजुर्गों को उनके घर में भी प्रवेश दिलवा दिया गया है। वहीं दूसरा केस गांव गढ़ी भरल से सम्बंधित था जिसमें बुजुर्गो ने शिकायत दी कि उन्होंने अपनी जमीन बच्चों के नाम कर दी है तथा वह उनकी सेवा नहीं करते हंै। जिस पर कमेटी द्वारा उनके बच्चों को निर्देश दिए गए कि वे अपने माता-पिता की सेवा करें अन्यथा उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। जिस पर उनके बच्चों ने सहमति जताई व और कहा कि वे अपने माता-पिता की सेवा करेंगे तथा पूरा ध्यान रखेंगे।
एसडीएम घरौंडा राजेश कुमार सोनी ने बताया कि एसडीएम कार्यालय में प्रत्येक मंगलवार को पूर्वार्द्ध में बुजुर्गों की देखभाल से संबंधित केसों को सुना जाता है। इन केसों की पैरवी व्यक्ति  स्वयं कर सकते हैं। इस ट्रिब्यूनल का उद्देश्य बुजुर्गों को सस्ता व सुलभ न्याय दिलवाना है। उन्होंने बताया कि जो बुजुर्ग अपनी सम्पत्ति बच्चों से वापिस लेना चाहते हैं उन्हें अपनी रजिस्ट्री में यह शर्त आवश्यक रूप से डलवानी चाहिए कि संपत्ति का हस्तांतरण इस शर्त पर किया जा रहा है कि बच्चे माता पिता की सेवा करेंगे। यह रखरखाव ट्रिब्यूनल माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक कल्याण अधिनियम 2017 के अंतर्गत सरकार द्वारा बनाया जाता है। इसका उद्देश्य बुजुर्गों को बुढ़ापे में बच्चों द्वारा सुरक्षा व सहयोग सुनिश्चित करना है।

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