करनाल, 3 नवम्बर। यहां की चीनी मिल की प्रबंध निदेशक अदिति ने बताया कि करनाल चीनी मिल का पिराई सत्र 2025-26 जल्द ही शुरू किया जायेगा।
मिल की प्रबंध निदेशक ने बताया कि मिल का रख-रखाव एवं मरम्मत का कार्य जोर-शोर से चल रहा है तथा बॉयलिंग हाउस में वॉटर ट्रायल का आदि का कार्य प्रगति पर है तथा इसके साथ-साथ मशीनों का रनिंग ट्रायल भी लिया जा रहा है। तत्पश्चात वैक्यूम ट्रायल का कार्य शुरू किया जायेगा। उन्होंने बताया कि मिल में रोलर पूजन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा चेन इत्यादि बांधने के पश्चात इनका ट्रायल लिया जायेगा। मिल में बायलर की मरम्मत का कार्य भी प्रगति पर है तथा बायलर पूजन के बाद स्टीम ट्रायल किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि मिल को जल्द ही राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लिमिटेड नई दिल्ली एवं हरियाणा सहकारी चीनी मिल प्रसंघ लिमिटेड पंचकूला द्वारा किये जा रहे अथक प्रयासों से किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए गन्ना हार्वेस्टर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा किसानों को रजिस्टर्ड सहकारी संस्थाओं द्वारा वास्तविक कीटनाशक एवं शाकनाशी इत्यादि उचित मूल्यों पर उपलब्ध करवाएं जाएंगे ताकि गन्ने की पैदावार उत्तम किस्म की रहे तथा मिल को बीमारी रहित गन्ना उपलब्ध हो सके जिससे मिल अधिकतम चीनी रिकवरी प्राप्त कर सके।
उन्होंने बताया कि मिल में किसानों के लिए अटल किसान कैंटीन के माध्यम से कम दाम में भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गयी है तथा किसानों के विश्राम के लिए आधुनिक विश्राम गृह की सुविधा भी उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि स्वर्ण जयंती परियोजना के अंतर्गत स्वीकृत करनाल सहकारी चीनी मिल के विस्तारीकरण एवं नवीनीकरण का कार्य 7 अप्रैल 2021 को पूर्ण कर लिया गया था जिसके पश्चात से ही करनाल सहकारी चीनी मिल नए आयाम स्थापित करने की ओर अग्रसर रहा है तथा मिल ने नए 3500 टीसीडी रिफाइंड शुगर प्लांट एवं 18 मेगावाट बिजली संयंत्र की स्थापना के बाद से अभी तक राष्ट्रीय स्तर पर लगातार तीन बार तकनीकी दक्षता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है। प्रबंध निदेशक ने यह भी बताया कि मिल में किसानों की गन्ना आपूर्ति की सुविधा हेतु ऑनलाइन टोकन प्रणाली अस्तित्व में है जिससे किसान घर बैठे अपनी बारी के हिसाब से अतिशीघ्र गन्ना मिल में डाल कर घर वापस जा सकता है। इस पिराई सत्र में चीनी मिल द्वारा 50 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई का लक्ष्य रखा गया है। प्रबंध निदेशक ने किसानों से पूर्व की भांति साफ सुथरे गन्ने की आपूर्ति करने का अनुरोध किया है।
