करनाल में भव्य तरीके से एनडीआरआई चौक पर आयोजित की गई रन फॉर यूनिटी
बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और आमजन हुए रन फॉर यूनिटी में शामिल
करनाल, 31 अक्तूबर- सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के मौके पर करनाल शहर के एनडीआरआई चौक पर रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि करनाल के विधायक जगमोहन आनंद ने शिरकत की। विशिष्ट अतिथि के तौर पर करनाल की मेयर रेनू बाला गुप्ता भी मौजूद रही। विधायक जगमोहन आनंद ने सर्वप्रथम पुष्प अर्पित करके सरदार वल्लभभाई पटेल को पुष्पांजलि अर्पित की। इसके उपरांत उन्होंने हरी झंडी दिखाकर रन फॉर यूनिटी को रवाना किया। यह दौड़ एनडीआरआई चौक से शुरू होकर अंबेडकर चौक होते हुए, कर्ण स्टेडियम पर खत्म हुई। इस मौके पर संबोधित करते हुए विधायक जगमोहन आनंद ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल वह महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने हमारे देश की एकता और अखंडता को साकार रूप दिया।
उन्होंने कहा कि आज का दिन पूरे देश के लिए गर्व और प्रेरणा का दिन है, क्योंकि आज हम भारत के लौह पुरुष, महान स्वतंत्रता सेनानी, देश के पहले उप प्रधानमंत्री और गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150वीं जयंती मना रहे हैं। उन्होंने बिखरी हुई 565 रियासतों को एक सूत्र में पिरो कर भारत को एक मजबूत राष्ट्र बनाया। यही कारण है कि पूरे देश में उनकी जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। जब भारत स्वतंत्र हुआ तो इन रियासतों को एकजुट करना सबसे बड़ी चुनौती थी। कुछ रियासतें भारत में शामिल नहीं होना चाहती थीं, लेकिन सरदार पटेल ने अपनी अद्भुत नेतृत्व क्षमता, दृढ़ इच्छाशक्ति और कुशल कूटनीति से इन सबको भारतीय संघ का हिस्सा बनाया।
महात्मा गांधी ने दी थी लौह पुरुष की उपाधि
विधायक जगमोहन आनंद ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल न केवल एक कुशल प्रशासक ही नहीं, बल्कि एक जननेता भी थे। वर्ष 1918 के खेड़ा आंदोलन और 1928 के बारडोली सत्याग्रह में उन्होंने किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और इस आंदोलन की सफलता के बाद महिलाओं ने उन्हें “सरदार” की उपाधि दी। उन्होंने जीवनभर जाति-पात, ऊंच-नीच और भेदभाव के खिलाफ संघर्ष किया और समाज में समानता व एकता का संदेश दिया। महात्मा गांधी ने उन्हें उनके दृढ़ व्यक्तित्व और संगठन क्षमता के कारण “लौह पुरुष” की उपाधि दी थी।
स्टैच्यू आफ यूनिटी एकता, अखंडता का प्रतीक
विधायक जगमोहन आनंद ने कहा कि सरदार पटेल को अखिल भारतीय सेवाओं का जनक कहा जाता है। वर्ष 2018 में गुजरात में उनके सम्मान में विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ का निर्माण किया गया, जो देश की एकता, अखंडता और उनके अमर योगदान का प्रतीक है। सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन हमें यह सिखाता है कि एक सशक्त राष्ट्र तभी बन सकता है जब हर नागरिक, हर गांव, हर प्रदेश आपस में एकता और भाईचारे की भावना से जुड़े हो। इसीलिए हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है, ताकि हम यह संकल्प दोहराएं कि हम सरदार पटेल के विचारों पर चलकर भारत को और मजबूत बनाएंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश “विजन 2047” की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह वह लक्ष्य है जब भारत अपनी आज़ादी के 100 वर्ष पूरे करेगा और एक विकसित भारत के रूप में विश्व में अग्रणी स्थान पर होगा।
विधायक जगमोहन आनंद ने रन फॉर यूनिटी में मौजूद सभी आमजन को एकता दिवस की शपथ भी दिलवाई। जिला खेल अधिकारी राजबीर सिंह ने सभी अतिथियों का रन फॉर यूनिटी में पहुंचने पर धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस मौके पर करनाल के डीसी उत्तम सिंह, एसपी गंगाराम पूनिया, एडीसी सोनू भट्ट, एसडीएम अनुभव मेहता, डीडीपीओ कंचन लता, रेडक्रास सचिव कुलबीर मलिक, जीएम रोडवेज कुलदीप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष संकल्प भंडारी, चेयरपर्सन मेघा भंडारी, पार्षद संकल्प भंडारी, डीएचईओ डॉ अनीता जून व अन्य अतिथि मौजूद रहे।
