साईबर ठग इंटरनेट मीडिया के जरिए रिश्तेदार बनकर करते है कॉल ।
आमजन को साईबर अपराधों और उनसे बचने के बारे में जागरूक करने के लिए पुलिस विभाग द्वारा प्रयास लगातार जारी है। हरियाणा पुलिस द्बारा अक्टूबर माह को साईबर जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है जिसके तहत पुलिस अलग-अलग तरीकों से आमजन को जागरूक करने में जुटी है। पुलिस ने इस विषय बारे अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने का बीड़ा उठाया है। पुलिस विभाग द्वारा जहां शिक्षण संस्थानों में विधार्थियों को जागरूक कर रही है वहीं आम लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहें हैं।
जानकारी देते हुए पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि 31 अक्टूबर को साईबर थाना कुरुक्षेत्र की टीम द्वारा परशुराम कॉलेज कुरुक्षेत्र में एक जागरूकता अभियान के तहत विधार्थियों को जागरूक किया। थाना प्रभारी पीएसआई महेश कुमार ने बोलते हुए कहा कि साईबर ठगों के निशाने पर हर वह आदमी है, जो किसी भी डिजिटल माध्यम से जुड़ा है। फिर चाहे वह इंटरनेट मीडिया हो या फिर इंटरनेट बैंकिंग। बदलते वक्त के साथ साईबर ठगों ने अपने पैंतरे भी बदले हैं। साईबर ठग इंटरनेट मीडिया के जरिए लोगों के पास किसी कभी एप्लीकेशन के माध्यम से फ्रैंड रिक्वेस्ट भेजते हैं तथा इंटरनेट मीडिया के माध्यम से जानकार बनकर काल करते है। कभी फर्जी लोन एप्प के माध्यम से,कभी बिना आर्डर का पार्सल भेजकर तो कभी कॉल फॉरवर्डिंग करके और कभी किसी व्यक्ति की ई-मैल, व्यटसअप, टेलीग्राम, फेसबुक आईडी को हैक करके शातिर उनको साईबर ठगी का शिकार बनाने से नहीं चुकते। इन सब तरीको से वो व्यक्ति के बारे में समस्त जानकारियाँ जुटा लेते हैं। उसके बाद वह उनकी निजी फोटो/बैंक खातों से संबंधी जानकारी भी एकत्रित कर लेते हैं और अपने जाल में फंसाकर उनके खाते में जमा पूंजी को खाली कर देते हैं। ऐसे में आमजन को इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि वह अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट व बैंकिंग एप्स को सुरक्षित लॉक करके रखें तथा अपनी निजी जानकारी को किसी भी व्यक्ति से सांझा करने से बचें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के लालच में ना आएं लेकिन फिर भी अगर फ्राड हो जाये तो घबराने की बजाए नेशनल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। 1930 पर तुरन्त शिकायत करनें पर आपका पैसा सुरक्षित वापिस आ सकता है।
इस मौके पर प्रिंसिपल डॉ शीशपाल शर्मा सहित डॉ सुरेश कुमार, सतीश शर्मा, धीरज कुमार, सुरजा वशिस्ठ व प्रोफेसर वास्व दत्त सहित काफी संख्या में विधार्थियों मौजूद रहे।
