स्वदेशी मेले में स्टाल लगाकर दर्शकों को साईबर अपराधों के बारे में किया जा रहा जागरूक ।
1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक मनाया जा रहा साइबर जागरूकता माह
पुलिस महानिदेशक हरियाणा के आदेशानुसार हरियाणा पुलिस द्वारा आमजन को जागरुक करने के लिए अक्टूबर माह को साईबर जागरुकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। कुरुक्षेत्र पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल के मार्गदर्शन में अलग-अलग तरीकों से आमजन को जागरूक किया जा रहा है। कुरुक्षेत्र ने केशव पार्क में चल रहे तीन दिवसीय स्वदेशी मेले में स्टाल लगाकर आमजन को साईबर अपराधों के प्रति जागरुक किया जा रहा है।
जानकारी देते हुए पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि स्वदेशी मेले में आमजन, युवाओं, महिलाओं व कलाकारों को साईबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र के केशव पार्क में चल रहे तीन दिवसीय स्वदेशी मेले में जिला पुलिस के साइबर थाना की टीम द्वारा स्टाल लगाया गया है जहां पर मेले में आने वाले दर्शकों को साइबर अपराध से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्वदेशी मेले में कई स्थानों पर साईबर जागरूकता के बोर्ड लगाए गए हैं। इसके साथ-साथ आमजन को साइबर जागरूकता से सम्बंधित पम्पलेट बांटे जा रहे हैं। साईबर थाना कुरुक्षेत्र की टीम द्वारा स्वदेशी मेले में आए हुए सभी मेहमानों को साईबर अपराधों के बारे में जागरूक करते हुए उनसे बचने के उपायों बारे बताया जा रहा है। मेले में दर्शकों को बताया जाता है कि इस प्रकार से साईबर अपराधियो से बचनें के लिए खुद को जागरुक करें।
दिनांक 19 अक्तूबर 2025 को स्वदेशी मेले में साईबर अपराधों के प्रति जागरुकता संदेश देते हुए साइबर थाना प्रभारी पीएसआई महेश कुमार ने कहा कि डिजिटल के दौर में हमें जागरूक रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य जनता को डिजिटल माध्यम से होने वाले अपराधों, जैसे ऑनलाइन ठगी, फेक कॉल, फर्जी लिंक और सोशल मीडिया फ्रॉड से बचाना है।
यूपीआई पिन मांगकर करते हैं ठगी
थाना प्रभारी ने बताया कि ठग बहाना बनाकर पैसे भेजने के लिए पिन मांगते हैं। ध्यान रहे, पिन केवल पैसे भेजने के लिए होता है, प्राप्त करने के लिए नहीं। सोशल मीडिया या मैसेजिंग एप पर भेजे गए क्यूआर कोड स्कैन करने पर पैसे कट सकते हैं। गूगल या अन्य वेबसाइट पर नकली नंबर से फर्जी वेबसाइट तक पहुंच सकते हैं, जहां बैंक डिटेल्स मांगे जाते हैं। नकली ऑफर के लिंक या एप से मोबाइल और बैंक अकाउंट पर नियंत्रण लिया जा सकता है। रिमोट-एक्सेस एप से ठग मोबाइल को दूर से नियंत्रित कर सकते हैं।
सुरक्षा के उपाय
थाना प्रभारी ने बताया कि यूपीआई पिन और ओटीपी किसी के साथ साझा न करें। रिमोट-एक्सेस एप को अज्ञात व्यक्ति के कहने पर डाउनलोड न करें। किसी भी ऑफर या लिंक पर भरोसा न करें। हेल्पलाइन नंबर हमेशा बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या एप से ही संपर्क करें।
धोखाधड़ी होने पर ये करें
थाना प्रभारी ने बताया कि यदि किसी के साथ ठगी हो जाती है तो तुरंत बैंक की हैल्पलाइन पर ट्रांजेक्शन ब्लॉक करवाएं। तुरन्त साईबर हैल्पलाईन 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज करवाएं। इसके अलावा आप थाना में जाकर स्थापित साईबर हैल्प डैस्क की भी मदद ले सकते हैं।
