कुरुक्षेत्र। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि दीपावली के शुभ अवसर पर हरित पटाखों के लिए अस्थायी बूथ या दुकान को स्थापित किया जाएगा। इन बूथों को अजव्लनशील सामग्री से तैयार किया जाए। स्टॉलों पर किसी भी प्रकार की दुर्घटना ना हो, इसके लिए सावधानियों को बरता जाए। उन्होंने कहा कि शैड एक दूसरे से कम से कम तीन मीटर और सुरक्षित कार्य से पचास मीटर की दूरी पर हों। शैड एक दूसरे के आमने सामने नहीं होगें।
उन्होंने कहा कि शैड विद्युत बत्तियों के उपयोग की जाती है दीवार पर या छत पर फिक्स किए जाएंगे। प्रत्येक दुकान के स्विचों को दीवारों पर दृढ रूप से फिकस किया जाएगा। प्रत्यके दुकान के इलेक्ट्रिक स्विचों को एक मुख्य कंट्रोल स्विच के साथ जोडऩे की व्यवस्था की जाए, जिससे कि आपात स्थिति में / दुर्घटना की स्थिति में मुख्य कंट्रोल स्विच को बंद करने पर उस जगह में स्थित सभी दुकानों की लाइन तुरन्त बंद हो एंव दुर्घटना को रोका जा सके।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि पटाखों के स्टाल से बिजली की खुली तार और जोड कम से कम 10 फुट की ऊंचाई पर हो। स्टॉल के पास दुर्घटना, आग से बचाव के लिए रेत, पानी की बाल्टी, आग बुझाने वाला केमिकल (डी.सी.पी.) को रखना अनिवार्य है। इसके साथ ही स्टॉल पर 5 किलोग्राम के अग्निशमक यंत्र को रखा जाए। उन्होंने कहा कि अस्थायी दुकानों में केवल ग्रीन पटाखे या आतिशबाजी ही विक्रय करने के लिए अनुमति प्रदान की जाएगी। ग्रीन पटाखों के अतिरिक्त अन्य किसी भी प्रकार की पटाखे या आतिशबाजी को बेचने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि बैरियम साल्ट से तैयार आतिशबाजी, पटाखे को अस्थाई दुकानों में विक्रय करने की अनुमति दी जागी। अस्पतालों, शिक्षा संस्थानों, न्यायालयों और धार्मिक स्थानों के आसपास 100 मीटर के क्षेत्र से दूर हरित आतिशबाजी का उपयोग करना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि आतिशबाजी की किसी शैड के पचास मीटर के भीतर प्रदर्शन अनुज्ञात नहीं किया जाएगा। एक समूह में पचास से अधिक दुकान अनुज्ञात नहीं की जाएगी। आतिशबाजी की दुकानों के ऐसे समूह के लिए प्राथमिक चिकित्सा, एम्बुलेंस और कम से कम दो अग्निशमन वाहन उपलब्ध होंगे। प्रमुख स्थानों पर स्थानीय भाषा में एक चेतावनी बोर्ड विस्फोटक या खतरनाक पदार्थ प्रदर्शित किया जाएगा।
-स्टॉल के पास दुर्घटना, आग से बचाव के लिए रेत, पानी की बाल्टी, आग बुझाने वाला केमिकल (डी.सी.पी.) रखना अनिवार्य
सोनिका वधवा
