किसानों से अपील, “किसान भाई जल्दबाजी ना करें बाजरे की खरीद लम्बी चलेगी” नरेंद्र यादव सचिव :: मार्किट कमेटी रेवाड़ी।
प्रदेश की मंडियों में खरीफ की फसल की आवक तेज हो गई है। तीन दिन बारिश के बाद आज मंडियों में किसानों और ट्रैक्टर ट्रॉलियों की भारी भीड़ रही। बाजरे की खरीद 24 अक्टूबर से शुरू हो गई है बाजरे की गुणवत्ता ठीक नहीं होने के कारण सरकारी की बजाय बाजरा प्राइवेट खरीदा जा रहा है। इस संबंधी में रेवाड़ी मार्किट कमेटी के सचिव नरेंद्र यादव ने बताया कि अब तक 214190 क्विंटल बाजरे की आवक हो चुकी है गुणवत्ता के चलते कोई सरकारी एजेंसी नहीं खरीद रही है अभी प्राइवेट खरीद ही हो रही है। उन्होंने बताया कि मंडी में किसानों के लिए तमाम सुविधाएं की गई हैं किसान मंडी के दोनों गेट पर कहीं से अपना गेट पास लेकर फसल बेच सकता है इसके लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत होना जरूरी है। जो किसान फसल बेचेगा उसे ही भावांतर की राशि मिलेगी सभी को नहीं। उन्होंने कहा कि मंडी में आने वाले किसानों के लिए खाने पीने और ठहरने आदि सभी व्यवस्थाएं की गई है। किसानों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। मार्केट कमेटी के सचिव नरेंद्र यादव ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि बाजरे की खरीद लंबी चलने वाली है इसलिए किसान भाई जल्दबाजी ना करें आराम से मंडी में आए। किसानों की फसल का एक एक दाना खरीदा जाएगा।
आपको बता दें कि सरकार के निर्धारित मापदंडों में से एक गुणवत्ता की कसौटी पर खरा नहीं उतरने के चलते इस बार बाजरे की सरकारी खरीद नहीं हो पाई है। किसानों को भले ही आढ़तियों के माध्यम से बाजरा बिक्री करने में कोई परेशानी नहीं आ रही हो, लेकिन सरकारी खरीद के लिए एजेंसियों को इंतजार ही करना पड़ रहा है। हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन और हैफेड के माध्यम से बाजरा की सरकारी खरीद 22 सितंबर से शुरू करने की घोषणा हुई थी लेकिन गुणवत्ता के चलते आज तक एजेंसी बाजरा खरीद नहीं कर पाई है। सरकारी नियम अनुसार 2200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बाजरा खरीद करने का प्रावधान है। इसमें 575 रुपये भावांतर भरपाई के रूप में किसानों को भुगतान किया जाता है। इस हिसाब से किसान को 2775 प्रति क्विंटल तक बाजरा का भाव मिलना चाहिए लेकिन बाजरा पकाव और कटाई के समय हुई वर्षा के चलते बाजरा की गुणवत्ता प्रभावित होने के कारण खरीद एजेंसी बाजरा नहीं खरीद पा रही है।

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