कुवि में तीन दिवसीय साहित्यिक एवं ललित कला कार्यशाला का शुभारंभ
कुरुक्षेत्र, 04 अक्तूबर। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय साहित्यिक एवं ललित कला कार्यशाला का शनिवार को सफलतापूर्वक शुभारंभ हुआ।
इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएँ युवा पीढ़ी में साहित्य और कला के प्रति प्रेम को जागृत करती हैं, रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करती हैं और हमारी सांस्कृतिक परंपरा को सशक्त बनाती हैं। युवाओं को जुनून के साथ कार्य करना चाहिए तभी वो अपनी मंजिल हासिल कर सकते हैं।
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि देश के विकास की दिशा तय करने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके विचार, रचनात्मकता और ऊर्जा ही एक सशक्त भारत की नींव रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि “स्वदेशी केवल एक विचार नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और राष्ट्र गौरव की भावना है। यदि हर नागरिक अपने जीवन में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देगा, तो भारत आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत बनेगा।”
विशिष्ट अतिथि छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी ने कहा कि कि ऐसी कार्यशालाएँ युवाओं में रचनात्मक सोच और देशभक्ति की भावना को प्रबल करती हैं।
कार्यशाला में वाद-विवाद, भाषण, क्विज, पेंटिंग, पोस्टर मेकिंग, रंगोली, मूर्तिकला और कार्टूनिंग जैसी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया है। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों की रचनात्मक प्रस्तुतियों की सराहना की और उन्हें भविष्य में कला और साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए प्रेरित किया। मंच संचालन डॉ. हरविन्द्र राणा ने किया। उप-निदेशक डॉ. सलोनी पवन दिवान ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया व सभी अतिथियों का परिचय करवाया।
साहित्यिक क्षेत्र से प्रमुख विशेषज्ञों में डॉ. बिजेंद्र दहिया, प्रो. एम.आर. पात्रा, डॉ. जगबीर राठी, डॉ. एस.बी. माथुर, प्रो. के.पी.एस. शांत और लेखक श्री बृज शर्मा शामिल थे। वही ललित कला क्षेत्र से डॉ. विजय एम. धोर (राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता, छत्तीसगढ़), श्री त्रिभुवन दे (नई दिल्ली), श्री गुरदीप धीमान ‘ऋषि राज’ (चंडीगढ़), श्री सरनदीप (कार्टूनिस्ट, पंजाब केसरी), ऋषिराज तोमर, श्री आर.एस. पठानिया और श्री रविंदर शामिल रहे।
इस अवसर पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी, डॉ. सलोनी दिवान, डॉ. गुरचरण सिंह सहित शिक्षक व गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
कार्यशाला में 37 कॉलेजों एवं संस्थानों के 417 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं
उप-निदेशक डॉ. सलोनी दिवान ने बताया कि यह कार्यशाला 4 से 6 अक्टूबर 2025 तक आयोजित की जा रही है जिसमें प्रदेशभर के 37 कॉलेजों एवं संस्थानों के 417 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। साहित्यिक कार्यशाला का आयोजन सीनेट हॉल में तथा ललित कला कार्यशाला का आयोजन फाइन आर्ट्स विभाग में किया जा रहा है। ललित कला कार्यशाला में 130 छात्राओं और 42 छात्र भाग ले रहे हैं वहीं साहित्यिक आयोजन में 201 छात्राएँ और 44 छात्र शामिल हो रहे हैं।
