मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेन्द्र सिंह बढख़ालसा ने हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण द्वारा आयोजित राज्यस्तरीय कृषि उद्यमिता कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि की शिरकत,उद्यमी किसानों द्वारा लगाई स्टॉल्स का किया अवलोकन और किसानों के उनके द्वारा बनाए उत्पादों की ली जानकारी
करनाल, 26 सितंबर।
 हरियाणा के मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेन्द्र सिंह बढख़ालसा ने कहा कि कृषि में गुणवत्ता, प्रबंधन और उद्यमिता से ही भारत बनेगा विश्वगुरु बनने के लक्ष्य को प्राप्त करेगा। वर्ष 2047 तक भारत को विश्व शक्ति और विश्वगुरु बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कृषि क्षेत्र में मौलिक बदलाव व उद्यमिता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
ओएसडी वीरेन्द्र सिंह बढख़ालसा शुक्रवार को गुरूवचन सिंह फाउडेंशन एजुकेशन व डेवलपमेंट सेंटर में हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण द्वारा आयोजित राज्यस्तरीय कृषि उद्यमिता कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इससे पहले उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए उद्यमी किसानों द्वारा लगाई स्टॉल्स का अवलोकन किया और किसानों के उनके द्वारा बनाए उत्पादों की जानकारी ली। इस कार्यक्रम में उद्यमी किसानों व कृषि विशेषज्ञों द्वारा कृषि तकनीकों पर अपना विचार सांझा किए।   इस अवसर पर ओएसडी वीरेन्द्र सिंह बढख़ालसा ने कहा कि किसान को उद्यमी बनाने के लिए उसे केवल तकनीकी कौशल ही नहीं, बल्कि सॉफ्ट व्यवहारिक कौशल की भी आवश्यकता है। किसान को अपने उत्पाद की मार्केटिंग करनी आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बीज से बाज़ार तक की यात्रा को खेत से पेट तक की यात्रा बनाना होगा। इसके लिए मार्केटिंग के फंडे, उत्पादों के गुण-दोष बताने की क्षमता और बात कहने में सक्षम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास की पहली शर्त कनेक्टिविटी है। हरियाणा में सडक़ों का शानदार जाल बिछाया गया है जो प्रदेश को सेक्टरों में काटता है। इस बेहतर बुनियादी ढांचे का लाभ किसानों को उद्यमिता की ओर बढ़ने के लिए उठाना चाहिए।

किसान खेती को बनाए व्यवसाय : कवींद्र राणा
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के प्रतिनिधि कवींद्र राणा ने कहा कि किसानों को कृषि को केवल जीविका नहीं, बल्कि एक पेशेवर उद्यम के रूप में देखना चाहिए। किसानों में एक हीन भावना घर कर गई है कि मेरा बच्चा किसान न बने। इस मानसिकता के कारण वे अपने व्यवसाय को अच्छा नहीं मानते और इसे छोडऩे की प्रवृत्ति रखते हैं, जिसका सीधा असर कृषि के विकास पर पड़ता है। सरकार द्वारा बजट में भारी सब्सिडी और कल्याणकारी योजनाएं दीं, लेकिन इसके बावजूद आज किसान आर्थिक रूप से संकट में है। उन्होंने कहा कि जब तक किसान अपनी खेती को एक अन्य व्यवसाय के रूप में नहीं देखता और उद्यमशीलता के साथ आगे नहीं बढ़ता, तब तक वह प्रगति नहीं कर पाएगा।

कृषि उद्यमिता और बेहतर ग्रामीण बुनियादी ढाँचा ही विकसित राष्ट्र का मार्ग: नेपाल राणा
इस अवसर पर हरियाणा के कृषि मंत्री के बेटे नेपाल सिंह राणा ने कहा कि कृषि उद्यमिता और बेहतर ग्रामीण बुनियादी ढाँचा ही विकसित राष्ट्र का मार्ग है।विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कृषि और ग्रामीण विकास जरूरी है। उन्होंने कहा कि कृषि को अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना गया है। हरियाणा में कृषि से सौ प्रतिशत परिवारों की आजीविका चलती है। उन्होंने कहा कि कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढाँचा विशेष रूप से सडक़ों का विकास, अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम में पहुंचने पर हरियाणा किसान कल्याण प्रधिकरण के सीईओ डा. आर.एस.चौहान द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत किया गया।
इस अवसर पर गुरूवचन सिंह फाउडेंशन एजुकेशन व डेवलपमेंट सेंटर से डॉ. गुरबचन सिंह, कौल केंद्र के प्रिंसिपल ओपी चौधरी, भाजपा कार्यकर्ता राजेश पाढ़ा सहित प्रदेश भर से आए उद्यमी किसान व कृषि विशेषज्ञ मौजूद रहे।

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