राजनैतिक दल विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में करें सहयोग, बीएलए करें नियुक्त
करनाल, 18 सितम्बर। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी उत्तम सिंह ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एक जनवरी 2026 को आधार तिथि मानकर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य शीघ्र शुरू होने जा रहा है। इस दौरान जिला के अधीन पड़ने वाले पांचो विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में नियुक्त बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर मतदाता सूची में शामिल सभी मतदाताओं की वेरिफिकेशन की जाएगी तथा आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जाएंगे ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति वोट बनवाने से वंचित ना रहे।
उपायुक्त वीरवार को लघु सचिवालय के सभागार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य को लेकर आयोजित बैठक में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों तथा एआरओ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि हरियाणा में मतदाता सूचियों के गहन पुनरीक्षण कार्य में वर्ष 2002 की मतदाता सूची के साथ मिलान का कार्य किया जाएगा तथा पात्र व्यक्तियों के नए वोट भी बनाने का कार्य किया जाएगा। जिला की पांचों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता सूची का वेरिफिकेशन करेंगे। इस कार्य में मतदाता बीएलओ को सहयोग करेंगे ताकि कोई भी पात्र नागरिक वोट बनवाने से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि प्रशासन व राजनीतिक दलों की यह साझी जिम्मेवारी बनती है कि सभी पात्र नागरिकों की वोट अवश्य बने। इसके लिए सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों की ओर से बूथ लेवल एजेंट के तौर पर ऐसे लोग नियुक्त किए जाएं जो संबंधित क्षेत्र के लोगों से अच्छी तरह से परिचित हों ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति वोट बनवाने से वंचित न रहे तथा अयोग्य व्यक्ति वोट न बनवा सकें। उन्होंने कहा कि राजनैतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए की सूची संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को जल्द से जल्द उपलब्ध करवाएं और मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य का ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार किया जाए।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार केवल भारत के नागरिक को ही मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने का अधिकार है, दूसरे देश के नागरिक भारत में मतदाता नहीं बन सकते। उन्होंने बताया कि सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को बीएलए नियुक्त करना जरूरी है। क्योकि बीएलए को अपने मतदान केंद्र की पूरी जानकारी रहती है। उसे ये भी पता रहता है कि किसने 18 वर्ष की आयु पूरी की है और किस मतदाता की मृत्यु हो चुकी है तथा कौन व्यक्ति स्थाई रूप से आवास छोडक़र बाहर स्थांतरित हो चुका है। यह जानकारी बीएलओ के लिए मतदाता सूचियों को त्रुटि रहित बनाने में अति महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने यह भी बताया कि तैयार की जाने वाली मतदाता सूची से संबंधित त्रुटियों को दुरूस्त करने के लिए संबंधित एआरओ द्वारा दावे व आपत्तियां भी प्राप्त की जाएंगी। दावे व आपत्तियों के निपटान को लेकर एआरओ के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी व राज्य निर्वाचन अधिकारी को अपील की जा सकती है।
उन्होंने यह भी बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एक पोलिंग बूथ पर 1200 से से अधिक मतदाता होने की स्थिति में अतिरिक्त मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसी के दृष्टिगत जिला में 151 नए पोलिंग बूथ स्थापित किए जाने प्रस्तावित हैं। नए पोलिंग बूथ स्थापित किए जाने के लिए स्थान निर्धारित किए गए हैं। ऐसे में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों का भी यह दायित्व बनता है कि वे इन निर्धारित स्थानों का भौतिक दौरा करके प्रबंधों का जायजा लें और अपने सुझाव 25 सितंबर तक जिला निर्वाचन कार्यालय में दें ताकि समय रहते मतदान केंद्रों पर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें।
बैठक में एसडीएम करनाल एवं पंजीयन अधिकारी अनुभव मेहता, एसडीएम असंध एवं पंजीयन अधिकारी राहुल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी मोनिका शर्मा, चुनाव तहसीलदार सुदेश राणा व राजनीतिक पार्टियों में कांग्रेस पार्टी से एडवोकेट आनंद चौहान व जोगिंद्र वाल्मीकि, सीपीआईएम से जिला सचिव जगपाल राणा, आप पार्टी से सोनू कुमार, बीएसपी से रामकिशोर, जेजेपी से धर्मवीर पाढा, इनेलो से सुरजीत संधु मौजूद रहे।
