कुरुक्षेत्र, 11 सितम्बर। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने इंस्ट्टियूट ऑफ टीचर ट्रैनिंग एंड रिसर्च की असिस्टैंट प्रोफेसर डॉ. ममता चावला की पुस्तक Know Thyself: Understanding the self (स्वयं को जानिएः स्वयं को समझना) का विमोचन किया। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने पुस्तक की लेखिका डॉ. ममता चावला को बधाई देते हुए कहा कि यह पुस्तक आत्म‑ज्ञान, आध्यात्म और जीवन के उद्देश्य से जुड़ी है। खुद को सही मायने में जानने का मतलब सिर्फ़ अपनी खूबियों और कमज़ोरियों को समझना नहीं है। इसमें अपनी क्षमता को पहचानना, मज़बूत रिश्ते बनाना और कार्यस्थल पर आने वाली चुनौतियों का आत्मविश्वास से सामना करना शामिल है। स्वयं को जानने के लिए आत्म-जागरूकता का अभ्यास करने के कई तरीके हैं जो इस पुस्तक में बताए गए हैं। यह पुस्तक बीएड का कोर्स करने वाले विद्यार्थियों के लिए लाभकारी होगी।
पुस्तक की लेखिका डॉ. ममता चावला ने बताया कि यह पुस्तक युवाओं के लिए आत्म-बोध को आत्मसात करने और शांति एवं सचेतनता के माध्यम से एक समग्र रूप से संतुलित व्यक्तित्व, जीवन-कॅरियर और प्रतिस्पर्धा की ओर अपनी यात्रा में अक्षुण्ण बने रहने के लिए एक संसाधन होगी। इस पुस्तक को ट्वंटीफर्स्ट सेंचुरी पब्लिकेशंस, पटियाला द्वारा प्रकाशित किया गया है। 98 पृष्ठों की इस पुस्तक में 11 अध्याय शामिल किए गए हैं।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल, डीन प्रो. उषा रानी, प्रो. अनिता दुआ, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया, दिविज गुगनानी, विनोद सहगल मौजूद रहे।
कुवि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा करेंगे राज्य स्तरीय कविता पाठ प्रतियोगिता का उद्घाटन
कुरुक्षेत्र, 11 सितम्बर। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा 15 सितम्बर को प्रातः 10 बजे सीनेट हॉल में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग, इंस्ट्टियूट ऑफ इंटिग्रेटिड एंड आनर्स स्टडीज तथा जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में देश भक्ति पर आधारित राज्य स्तरीय कविता पाठ प्रतियोगिता का शुभारंभ करेंगें। इस अवसर पर हरियाणा साहित्य अकादमी के निदेशक धर्मदेव विद्यार्थी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित होंगे ।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि इस प्रतियोगिता में प्रत्येक विभाग, संस्थान के 4 विद्यार्थी भाग ले सकते हैं और विद्यार्थियों की कविता का विषय देशभक्ति पर आधारित होना चाहिए। कविता की समय सीमा 3 से 6 मिनट होगी। कविता स्व रचित या किसी कवि की रचना हो सकती है। उन्होंने बताया कि निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा। कविता पाठ प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 3100 रूपये, द्वितीय पुरस्कार 2100 रूपये, तृतीय पुरस्कार 1100 रूपये तथा तीन सांत्वना पुरस्कार प्रत्येक को 500 रूपये निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि कविता पाठ प्रतियोगिता में संयोजक आईआईएचएस की प्राचार्या प्रो. रीटा, जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया व युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला होंगे। प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि इस संबंध में विश्वविद्यालय के सभी विभागों, संस्थान के अध्यक्षों को सूचना भेजी जा चुकी है ताकि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी इस प्रतियोगिता में भाग ले सकें। इस सम्बंध में अधिक जानकारी के लिए युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के कल्चरल सुपरवाइजर डॉ. हरविन्द्र राणा के मोबाइल नम्बर 9812054405 या युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
एनईपी-2020 में छात्रों का समग्र विकास निहितः प्रो. देश राज ठाकुर
कुरुक्षेत्र, 11 सितम्बर। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र, द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के संदर्भ में समग्र और बहुविषयी शिक्षा विषय पर अभिविन्यास सत्र का आयोजन किया गया। प्रथम सत्र में, प्रो. देश राज ठाकुर, निदेशक प्रभारी, यूजीसी-एमएमटीटीसी, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला, ने एनईपी 2020 द्वारा लाए गए महत्वपूर्ण परिवर्तनों को रेखांकित किया, जिसमें रटने पर आधारित शिक्षा से आगे बढ़ते हुए छात्रों के समग्र विकास पर बल दिया गया है। उन्होंने बताया कि यह नीति शैक्षणिक ज्ञान को व्यावहारिक कौशल, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और नैतिक मूल्यों के साथ एकीकृत करने पर बल देती है, जिससे विद्यार्थियों का बौद्धिक एवं व्यक्तिगत विकास सुनिश्चित हो सके।
द्वितीय सत्र में, प्रो. दिव्या जोशी, निदेशक, यूजीसी-एमएमटीटीसी, कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल, उत्तराखंड ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की परिवर्तनकारी दृष्टि के अनुरूप देशभर के शैक्षणिक संस्थानों ने समग्र और बहुविषयी शिक्षा के दृष्टिकोण को अपनाना प्रारंभ कर दिया है, जिसका उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों को तैयार करना है जो 21वीं सदी में सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक कौशल, ज्ञान और मूल्यों से युक्त हों।
कार्यक्रम के समापन पर, कोर्स समन्वयक डॉ. सुमन बाला ने दोनों वक्ताओं का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने प्रो. प्रीति जैन, निदेशक, यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र के मार्गदर्शन एवं समर्थन के लिए धन्यवाद प्रकट किया।
