पंचकूला। श्री माता मनसा देवी मंदिर में तीन बड़े वातानुकूलित भंडारा हाॅल बनेंगे। एक हाॅल में कम से कम 1500 श्रद्धालु एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे। इसके अलावा तीर्थाटन को बढ़ावा देने के मकसद से पंचकूला जिले के सभी धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को बस सेवा से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अश्विन नवरात्रों से पूर्व श्रीमाता मनसा देवी मंदिर परिसर में तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। अत्याधुनिक स्तर के रसोईघर की व्यवस्था करने और सफाई का विशेष ध्यान के भी निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष हैं। वे श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड पंचकूला की 22वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा सहित बोर्ड के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। नायब सिंह सैनी ने कहा कि भंडारा हॉल के निर्माण होने तक आगामी नवरात्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में अस्थायी हैंगर स्थापित कर बड़े स्तर पर भंडारे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

बस सेवा से धार्मिक स्थलों के दर्शन करने का अवसर मिलेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थाटन को बढ़ावा देने के लिए श्रीमाता मनसा देवी मंदिर, चंडी माता मंदिर, काली माता मंदिर, मोरनी, बड़ा त्रिलोकपुर, नाडा साहिब इत्यादि स्थलों को जोड़ते हुए बस सेवा शुरू करने की योजना बनाई जाए। इससे श्रद्धालुओं को पंचकूला जिले के विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने काली माता मंदिर में कमल आकृति के भवन निर्माण की समीक्षा करते हुए कहा कि इस कार्य को समय पर पूरा किया जाए।

 अनुपयोगी एवं जर्जर बूथ कैसे हटेंगे, इस पर विचार किया जाए

सीएम ने श्रीमाता मनसा देवी मंदिर परिसर में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) द्वारा निर्मित बूथों की रिपोर्ट पर समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुपयोगी एवं जर्जर हो चुके बूथों का सर्वेक्षण कर इन्हें हटाए जाने की संभावनाओं पर विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि मंदिर के मास्टर प्लाॅन को ध्यान में रखते हुए इस स्थल का उपयोग एचएसवीपी द्वारा नीति के अनुरूप वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए किया जाए।

 हनुमान वाटिका के सौंदर्यीकरण के निर्देश

बैठक में निर्णय लिया गया कि श्री माता मनसा देवी श्राइन स्थल के जीर्णोद्धार व मास्टर प्लान के तहत मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण किया जाए और यदि कोई अतिक्रमण है, तो उसे हटाया जाए। इसके अलावा मंदिर परिसर में भित्ति चित्रों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के साथ-साथ हनुमान वाटिका के सौंदर्यीकरण करने के भी निर्देश दिए गए।

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