प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण अधिनियम के तहत जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक आयोजित
करनाल 4 सितंबर। करनाल के डीसी उत्तम सिंह ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या एक गंभीर अपराध है, इस अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि दोषियों को हर हाल में सजा मिले। उन्होंने कहा कि पीएनडीटी एक्ट की कड़ाई से अनुपालना सुनिश्चित की जाए और नियमित निरीक्षण कर उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
डीसी उत्तम सिंह गुरुवार को स्थानीय लघु सचिवालय के सभागार में प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण अधिनियम (पीएनडीटी एक्ट) के तहत गठित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि लिंग परीक्षण करवाना और करना दोनों कानूनी तौर पर अपराध हैं, ऐसे व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी रखें और सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिए कि लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर रेड बढ़ाएं तथा औचक निरीक्षण कर उनके रिकॉर्ड की जांच करें। उन्होंने कहा कि जब रेड हो तो दोषी व्यक्ति के खिलाफ समय पर एफआईआर दर्ज की जाए तथा संबंधित मामलों की पैरवी कोर्ट में बेहतरीन तरीके से की जाए ताकि दोषी को सजा मिल सके। इसके साथ ही जितने व्यक्तियों को पीएनडीटी एक्ट के तहत सजा हुई है उनका रिकॉर्ड समय पर अपडेट होना चाहिए।
बैठक में उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. पूनम चौधरी को निर्देश दिए कि जिन गांवों में लिंगानुपात कम है, उन गांवों में एएनएम व आशा वर्कर, आंगनवाड़ी वर्करों के माध्यम से गांव में बैठक कर लोगों को लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए आमजन को जागरूक किया जाए। इसके साथ ही सभी गांवों में पंजीकरण रजिस्टर मेंटेन हों तथा उसकी समय-समय पर समीक्षा की जाए। उन्होंने ड्रग कंट्रोल अधिकारी को निर्देश दिए कि मेडिकल स्टोर का नियमित निरीक्षण करें और उनके रिकॉर्ड की जांच करें। इस पर ड्रग कंट्रोल अधिकारी ने बताया कि गत माह 76 मेडिकल स्टोरों की चेकिंग की गई है।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ पूनम चौधरी ने बताया कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों और नियमों के उल्लंघन करने पर 5 वर्ष तक की सजा एवं 10 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है तथा नियमों की उल्लंघना करने वालों के खिलाफ गुप्त सूचना देने वाले को एक लाख रुपये तक का इनाम देने का भी एक्ट में प्रावधान किया गया है। सिविल सर्जन ने बताया कि आशा वर्कर्स के माध्यम से ऐसी गर्भवती महिलाओं पर विशेष नजर रखी जाती है जिनके पास पहले से एक या दो बेटियां हैं। उन्होंने बताया कि जिला करनाल की पीएनडीटी टीम द्वारा 6 रेड की गई जिनमें से 5 में एफआईआर दर्ज की गई है।
इस मौके पर पीएनडीटी की नोडल अधिकारी डॉ सीमा चौधरी, ड्रग कंट्रोल अधिकारी विकास राठी सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
