बाढ़ आपदा से बचाव के लिए अधिकारियों को सतर्क रहने के दिए आदेश, हर विभाग के अधिकारी की तय की जिम्मेवारी,दवाईयों, खाद्य सामग्री का प्रबंध करना सुनिश्चित करेंगे अधिकारी
कुरुक्षेत्र, 1 सितंबर। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि लगातार बारिश होने के कारण नदियां, नाले और नहरें उफान पर है। इस बारिश मारकंडा, सरस्वती नदी में भी पानी का बहाव ज्यादा है। इस स्थिति को देखते हुए अधिकारियों को बाढ़ जैसी आपदा से लोगों को बचाने के लिए समय रहते प्रबंध पूरे करने के आदेश दिए है।
उन्होंने जारी आदेशों में कहा है कि यूएचबीवीएन के अधीक्षण अभियंता पानी से प्रभावित बिजली घरों को चैक करेंगे और बिजली घरों के अंदर पानी ना जाए इसके लिए समय रहते प्रबंध करेंगे। इसके अलावा अस्पतालों, पानी के प्लांट और कम्यूनिकेशन सेंटर सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े संस्थानों में बिजली से सम्बन्धित प्रबंधों को सुनिश्चित करेंगे।
जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता बाढ़ से प्रभावित होने वाले वाटर टैंक को चैक करेंगे और लो लाइन एरिया के वाटर टैंक को सुरक्षित रखने के लिए पहले से ही रेत के बैग व अन्य व्यवस्था करना सुनिश्चित करेंगे। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तत्पर रहेंगे तथा पानी को स्वच्छ रखने के लिए क्लोरीन,पाउडर और अन्य व्यवस्था करना सुनिश्चित करेंगे।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में डीएमसी, सीईओ जिला परिषद, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता, रिंग बांध और नहरों, नालियों, ड्रेनों पर निगरानी रखेंगे और कमजोर बिन्दुओं पर नजर रखकर तमाम व्यवस्थाएं करेंगे, ब्रिच प्रोटोकॉल को अपनाएंगे, पम्प सेट की व्यवस्था करेंगे ताकि आपातकालीन स्थिति में पानी की निकासी की जा सके, डीजल व अन्य व्यवस्थाओं के लिए यंत्रों का प्रबंध करेंगे। उन्होंने कहा कि सीवरेज ब्लॉकेज को खुलवाना सुनिश्चित करेंगे, नियमित रूप से ड्रेनों की सफाई और स्ट्रांग वाटर ड्रेन का निरीक्षण करेंगे। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में मशीनरी को भी तैयार रखेंगे। किसी स्तर पर भी लापरवाही ना बरती जाए।
उन्होंने कहा कि सीईओ जिला परिषद, डीएफएससी, डिप्टी डायरेक्टर आईसीडीपी, फूड ग्रेन, दूध, खाना पकाने का तेल, एलपीजी,दवाईयों, बच्चों के खाने, पशुओं के चारे सहित अन्य खादय सामग्री की सूचि तैयार करेंगे और खादय सामग्री का आपातकालीन स्थिति के लिए समय रहते प्रबंध करेंगे। सभी एसडीएम, डीआरओ 24 घंटे 7 दिन स्थिति पर निगरानी रखेंगे, स्कूलों, धर्मशालाओं मेें अस्थाई ठहराव के प्रबंध करेंगे और जगहों को चिन्हित करेंगे, सभी एसडीएम एचएसवीपी के ईओ, डीडीपीओ, रेडक्रॉस सचिव बाढ़ से बचाव के लिए मॉक ड्रील करवाएंगे, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केन्द्र, स्काउट लोकल एनजीओ से सम्पर्क रखेंगे ताकि किसी भी स्थिति में इनका प्रयोग किया जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि एसडीएम, डीआरओ आपदा रिस्पोंस टीमों का नाव, रस्यिों और लाइफ जैकेट के साथ तैयार रखेंगे, सम्पर्क रखने के लिए सेटेलाइट फोन और वायरलेस का प्रबंध करेंगे, सीएमओ हैल्थ केयर के लिए मोबाइल टीमों और ओआरएस का स्टॉक तथा अन्य दवाईयों का प्रबंध रखेंगे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इसके लिए पशुपालन विभाग के अधिकारी पशुओं के लिए दवाईयों का प्रबंध करेंगे।
